उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के विधि महाविद्यालय द्वारा आयोजित FIAT JUSTITIA राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का भव्य समापन समारोह विधि महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान हाईकोर्ट एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गोविंद माथुर रहे।
अपने प्रेरणादायी एवं विद्वत्तापूर्ण उद्बोधन में न्यायमूर्ति माथुर ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विधि विद्यार्थियों के लिए केवल शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि न्यायिक जीवन की वास्तविक तैयारी का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधि क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए केवल विधिक ज्ञान पर्याप्त नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता, न्याय के प्रति समर्पण, तार्किक दृष्टिकोण और सतत अध्ययन भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ होता है, जिसकी भूमिका समाज में न्याय की स्थापना और विधि के शासन को सुदृढ़ करने में अत्यंत अहम है।
फाइनल में दो प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों की टक्कर
प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न विधि संस्थानों की टीमों ने भाग लेकर अपनी शोध क्षमता, विधिक ज्ञान और प्रभावी तर्क कौशल का प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबला जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर और O. P. Jindal Global University, सोनीपत की टीमों के बीच हुआ।
समग्र परिणाम में टीम कोड TC-FJ-17, विधि संकाय, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर की टीम विजेता घोषित हुई। विजेता टीम में स्पीकर अनिरुद्ध सोनी, हीरल जैन तथा शोधकर्ता उन्नति छगानी शामिल रहे।
टीम कोड TC-FJ-37, ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी, सोनीपत की टीम उपविजेता रही, जिसमें स्पीकर वैष्णवी अग्रवाल, अर्श्या वाधवा और शोधकर्ता राशि चौहान शामिल रहे।

व्यक्तिगत एवं विशेष पुरस्कार
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के छात्र अनिरुद्ध सोनी को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ छात्र अधिवक्ता (Best Student Advocate) का पुरस्कार प्रदान किया गया।
वहीं सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल (Best Memorial) का पुरस्कार टीम कोड TC-FJ-19, शासकीय नवीन विधि महाविद्यालय, इंदौर को प्रदान किया गया। इस टीम में स्पीकर जिया हेडाव, रिनी रघुवंशी एवं शोधकर्ता अनिकेत चौधरी शामिल रहे।
विधि शिक्षा के लिए सशक्त मंच
विधि महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. आनंद पालीवाल ने कहा कि मूट कोर्ट विद्यार्थियों के लिए एक सशक्त शिक्षण मंच है, जहां वे न्यायालयीन प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से समझते हैं तथा अपने व्यक्तित्व और विधिक कौशल का समग्र विकास करते हैं। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को भविष्य में सक्षम, उत्तरदायी और संवेदनशील अधिवक्ता बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
आयोजन टीम की ओर से डॉ. हंसा धीरज जोशी ने सभी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को न्यायिक प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना और उन्हें विधि क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करना है।
समारोह में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. वी.सी. गर्ग, वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. राजश्री चौधरी, सह-अधिष्ठाता डॉ. शिल्पा सेठ, स्पोर्ट्स बोर्ड सचिव डॉ. बी.आर. पटेल, डॉ. पी.डी. नागदा, डॉ. भाविक पानेरी, डॉ. स्नेहा सिंह, डॉ. कल्पेश निकावत, डॉ. पंकज शंकर लाल मीणा, डॉ. भूपेंद्र आर्य सहित विधि महाविद्यालय के संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सह-अधिष्ठाता डॉ. प्रियदर्शी नागदा ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, निर्णायकों और सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
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