24 News Update उदयपुर। उदयपुर संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में आज कामकाज ठप हो गया जब महिला सफाईकर्मी और वार्ड आया संविदा नियुक्ति की मांग को लेकर एकजुट होकर हड़ताल पर बैठ गईं। सुबह से ही हॉस्पिटल परिसर में महिला कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद अब तक न तो उन्हें संविदा पर नियुक्त किया गया है और न ही न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया गया।
महिलाओं ने -अभी तो ये अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है। हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते…ठेका प्रथा बंद करो… जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन कर रहीं एक महिला सफाई कर्मचारी ने बताया कि कुछ लोग 20 से 25 वर्षों से इस अस्पताल में कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें अब तक सिर्फ ठेका व्यवस्था के तहत काम करने पर मजबूर किया गया है। सरकार ने कई बार वादा किया था कि हमें संविदा पर लिया जाएगा, सूची तक मांगी गई थी, लेकिन अब हमें फिर से ठेका प्रथा में शामिल कर दिया हैं। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा। महिलाओं ने यह भी बताया कि उनका वर्तमान वेतन मात्र छह हजार रुपए है, जो मौजूदा महंगाई में अत्यंत अल्प है। उनकी प्रमुख मांग है कि उन्हें स्थायी संविदा कर्मी के रूप में नियुक्त किया जाए और मासिक वेतन न्यूनतम 15 हजार रुपये किया जाए।
हड़ताल के चलते हॉस्पिटल के विभिन्न वार्डों में साफ-सफाई, रोगियों की देखभाल और अन्य बुनियादी सेवाएं बाधित हो गईं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर गंदगी जमा हो गई और वार्ड आया के अभाव में रोगियों की देखभाल में भी कमी देखने को मिली।
प्रशासन की ओर से अब तक कोई औपचारिक वार्ता नहीं हुई है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जातीं, वे हड़ताल समाप्त नहीं करेंगी। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो यह विरोध आगामी दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है।
महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में महिला सफाईकर्मी और वार्ड आया हड़ताल पर, संविदा पर नियुक्ति व 15 हजार मासिक वेतन की उठाई मांग

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