जयपुर। राजधानी जयपुर में कानून के रखवाले ही कानून के सबसे बड़े उल्लंघनकर्ता बन बैठे। ईआर-112 पुलिस वाहन में तैनात एक कॉन्स्टेबल और प्राइवेट ड्राइवर ने मिलकर एक युवक से मारपीट कर करीब दो लाख रुपये लूट लिए और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उसे मौके से भगा दिया। मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
घटना मोतीडूंगरी थाना क्षेत्र की है, जहां पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
112 गाड़ी रुकी, वर्दी ने डराया, कानून लुटा
पीड़ित फैजान कुरैशी (23) निवासी धन्नादाजी की बगीची, आदर्श नगर ने पुलिस को बताया कि वह 13 जनवरी की रात करीब 12 बजे जगतपुरा क्षेत्र से चिकन सप्लाई का भुगतान लेकर घर लौट रहा था। उसके पास करीब 1.95 लाख रुपये नकद थे।
रास्ते में भौमियाजी की छतरी के पास अचानक पुलिस की 112 गाड़ी ने उसे रोका। गाड़ी में मौजूद पुलिस कॉन्स्टेबल और ड्राइवर ने पहले पूछताछ की और फिर जबरन वाहन में बैठा लिया।
मारपीट, धमकी और लूट – वर्दी की आड़ में अपराध
पीड़ित के अनुसार, दोनों आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, मोबाइल फोन छीन लिया और जेब में रखे करीब दो लाख रुपये निकाल लिए। जब उसने पैसे वापस मांगे तो उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
कुछ देर बाद मोबाइल लौटा कर उसे मौके से भाग जाने को कहा गया। डर के मारे पीड़ित वहां से चला गया, लेकिन हिम्मत जुटाकर बुधवार सुबह मोतीडूंगरी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
पुलिस लाइन से लुटेरे निकले
थानाधिकारी अजयकांत रतूड़ी ने बताया कि जांच के बाद शुभम मीना (27) निवासी कोटपूतली-बहरोड़ और सुरेन्द्र शर्मा (26) निवासी डाहर, चाकसू को गिरफ्तार किया गया है।
- शुभम मीना – पुलिस लाइन में तैनात कॉन्स्टेबल
- सुरेन्द्र शर्मा – ईआर-112 वाहन पर प्राइवेट ड्राइवर
दोनों ने मिलकर लूट की वारदात को अंजाम दिया।
सवाल वर्दी पर, भरोसे पर
यह घटना केवल लूट नहीं, बल्कि पुलिस की साख पर सीधा हमला है। जिस 112 नंबर को लोग मुसीबत में आखिरी सहारा मानते हैं, उसी गाड़ी से लूट होना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है।
मोतीडूंगरी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है, लेकिन यह मामला यह सोचने पर मजबूर करता है कि
अगर वर्दी ही डर याद दिलाने लगे, तो भरोसा किस पर किया जाए?

