24 News update बांसवाड़ा |
आदिवासी अंचलों को केंद्र बनाकर देशभर में नकली करेंसी फैलाने वाले एक संगठित अपराध गिरोह का खुलासा हुआ है। इस जालसाजी के मास्टरमाइंड हुसैन पीरा को बांसवाड़ा पुलिस ने तेलंगाना की निजामाबाद जेल से प्रोडक्शन वारंट के ज़रिये गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन में आनंदपुरी थाना पुलिस द्वारा की गई।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह राजस्थान, गुजरात और तेलंगाना में सक्रिय था, जबकि इसके तार महाराष्ट्र, कर्नाटक और गोवा तक जुड़ने की आशंका है। इस संगठित नेटवर्क का संचालन आदिवासी क्षेत्रों से किया जा रहा था, जहाँ फेक करेंसी की प्रिंटिंग और वितरण की गतिविधियां गोपनीय रूप से संचालित होती थीं।
अब तक इस प्रकरण में हुसैन पीरा सहित 12 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत पुलिस ने 18 मार्च को मध्य प्रदेश के धुलियागढ़ गांव में महेश कटारा के घर पर छापा मारकर फर्जी करेंसी और एक उच्च गुणवत्ता वाला प्रिंटर जब्त किया था। इस कार्रवाई से जुड़े तार जब देशभर में फैलने लगे तो पुलिस ने गहन पड़ताल शुरू की।
पुराना अपराधी, नया तंत्र
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी हुसैन पीरा पूर्व में भी तेलंगाना के कामारेड्डी जिले में नकली मुद्रा के मामले में जेल जा चुका है। उस समय भी उसके पास लाखों की संख्या में नकली नोट बरामद किए गए थे। पुलिस के अनुसार, हुसैन पीरा ने हैदराबाद में सुखराम और कमलेश नामक युवकों को फर्जी करेंसी छापने का प्रशिक्षण भी दिया था। यह गिरोह तकनीकी प्रशिक्षण और प्रिंटिंग उपकरणों की मदद से उच्च गुणवत्ता की जाली मुद्रा तैयार करता था, जो सामान्य पहचान से परे होती थी।
पूरे नेटवर्क की पड़ताल जारी
फिलहाल हुसैन पीरा को कोर्ट से 8 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उससे पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने कितने राज्यों में किस-किस को जाली मुद्रा वितरित की, किन लोगों ने उसे स्थानीय स्तर पर समर्थन दिया, और यह गिरोह किन माध्यमों से मुद्रा को बाजार में चला रहा था।
एसपी अग्रवाला ने तेलंगाना अधिकारियों से समन्वय कर की कार्रवाई
इस ऑपरेशन में तेलंगाना पुलिस के सहयोग से काम किया गया। एसपी अग्रवाला ने बताया कि आरोपी को निजामाबाद जेल से लाकर पूछताछ की जा रही है। इसमें यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि आदिवासी क्षेत्रों को गिरोह ने क्यों चुना, और क्या इससे पहले भी ऐसे क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियाँ हो चुकी हैं।
Discover more from 24 News Update
Subscribe to get the latest posts sent to your email.