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रीसेंट ट्रेंड्स इन आईओटी एवं आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित

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24 News Update उदयपुर। जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी द्वारा “रीसेंट ट्रेंड्स इन आईओटी एवं आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) तथा आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) के नवीनतम रुझानों, उनकी कार्यक्षमता, व्यावहारिक उपयोगिता तथा भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ विभाग की निदेशक प्रो. मंजू माण्डोत के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने अतिथियों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि आधुनिक डिजिटल युग में इंटरनेट ऑफ थिंग्स और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस तेजी से मानव जीवन का अभिन्न हिस्सा बनते जा रहे हैं। इन तकनीकों ने न केवल दैनिक जीवन को अधिक सरल एवं स्मार्ट बनाया है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, परिवहन तथा व्यापार जैसे अनेक क्षेत्रों में नवाचार और विकास के नए आयाम भी स्थापित किए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को इन उभरती तकनीकों में दक्षता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर राजेंद्र असारी, हेड, कंप्यूटर साइंस विभाग, एसएमबी गवर्नमेंट कॉलेज, नाथद्वारा ने अपने व्याख्यान में इंटरनेट ऑफ थिंग्स तथा आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की कार्यप्रणाली को सैद्धांतिक और प्रायोगिक दोनों दृष्टिकोणों से विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सेंसर, नेटवर्क और डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से IoT उपकरण आपस में जुड़कर स्मार्ट सिस्टम तैयार करते हैं। साथ ही, उन्होंने लाइव डेमो प्रस्तुत कर यह प्रदर्शित किया कि एआई किस प्रकार मशीन लर्निंग, डेटा प्रोसेसिंग और ऑटोमेशन के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आने वाले समय में IoT और AI का उपयोग और अधिक व्यापक, प्रभावी तथा उद्योगों के लिए अनिवार्य हो जाएगा। इन तकनीकों से स्मार्ट सिटी, स्मार्ट हेल्थकेयर, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, ड्राइवरलेस व्हीकल्स और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति संभव होगी। उन्होंने विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में करियर की अपार संभावनाओं की जानकारी भी दी।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ द्वारा विस्तार से समाधान किया गया। संकाय सदस्यों ने भी विद्यार्थियों के साथ संवाद कर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मनीष श्रीमाली द्वारा दिया गया तथा संचालन डॉ. भरत सुखवाल ने किया। इस अवसर पर संकाय सदस्य डॉ. भारत सिंह देवड़ा, डॉ. गौरव गर्ग, डॉ. प्रदीप सिंह शक्तावत, डॉ. दिलीप चौधरी, श्री मुकेश नाथ, श्री दुर्गाशंकर, श्री त्रिभुवन सिंह बमनिया, मनोज यादव, मानसी नागर, चिराग दवे सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

यह विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ। इससे उन्हें IoT एवं AI के नवीनतम तकनीकी विकास, उनके व्यावसायिक एवं औद्योगिक अनुप्रयोग तथा भविष्य की संभावनाओं के बारे में गहन जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभाग के सभी संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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