Site icon 24 News Update

एयरफोर्स स्टेशन से जासूसी का पर्दाफाश, पाक हैंडलर्स को भेजी जा रही थीं गोपनीय सूचनाएं

Advertisements

जयपुर 22 मार्च। राजस्थान इंटेलीजेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए असम के एयरफोर्स स्टेशन छबुआ से जासूसी के आरोप में एक सिविल कर्मी को गिरफ्तार कर देश में सक्रिय एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया है। आरोपी भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान के हैंडलर्स तक पहुंचा रहा था।


अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस इंटेलीजेंस प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि इस पूरे मामले की शुरुआत जनवरी 2026 में जैसलमेर निवासी झबराराम की गिरफ्तारी से हुई थी। उससे पूछताछ और अनुसंधान के दौरान एक अन्य संदिग्ध सुमित कुमार का नाम सामने आया, जो लगातार पाक खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था।

जांच में सामने आया कि आरोपी सुमित कुमार (36) पुत्र बेनी माधव निवासी लाहुरपार प्रयागराज उत्तर प्रदेश वर्तमान में एयरफोर्स स्टेशन छबुआ, डिब्रूगढ़ असम में MTS के पद पर कार्यरत था। वह अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एयरफोर्स स्टेशन से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं एकत्रित करता और सोशल मीडिया के जरिए पाक हैंडलर्स तक पहुंचाता था।
राजस्थान इंटेलीजेंस की टीम ने एयरफोर्स इंटेलीजेंस, नई दिल्ली के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को छबुआ से डिटेन किया और जयपुर स्थित केंद्रीय पूछताछ केंद्र लाया गया। यहां विभिन्न खुफिया एजेंसियों द्वारा संयुक्त पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी वर्ष 2023 से पाक खुफिया एजेंसी के संपर्क में था और धनराशि के बदले संवेदनशील सूचनाएं साझा कर रहा था।


पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी ने एयरफोर्स स्टेशन छबुआ के साथ-साथ एयरफोर्स स्टेशन नाल जिला बीकानेर सहित अन्य सैन्य ठिकानों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। इनमें लड़ाकू विमानों की लोकेशन, मिसाइल सिस्टम और अधिकारियों/कर्मचारियों से संबंधित गोपनीय जानकारी शामिल है। इसके अलावा आरोपी अपने नाम से जारी मोबाइल नंबरों के जरिए पाक हैंडलर्स के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनवाने में भी मदद करता था।
इस गंभीर मामले में रविवार 22 मार्च को आरोपी को शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 एवं बीएनएस 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत स्पेशल पुलिस स्टेशन, राजस्थान जयपुर में दर्ज प्रकरण में गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई से देश में सक्रिय पाक समर्थित जासूसी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है और आगे की जांच जारी है।

Exit mobile version