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मुर्गा बने कर्मचारी, नाचते हुए निकाली रैली: जयपुर में सड़कों पर फूटा सरकारी कर्मचारियों का आक्रोश

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24 News Update जयपुर। जयपुर की सड़कों पर सोमवार को कर्मचारियों का गुस्सा उफान पर नजर आया। अपनी मांगों को लेकर उतरे सरकारी और संविदा कर्मचारियों ने ऐसा विरोध जताया कि पूरा शहर ठहर-सा गया। कोई सड़क पर मुर्गा बनकर सरकार को आईना दिखा रहा था, तो कोई नाचते-गाते अपनी पीड़ा बयां करता दिखा।
अल्बर्ट हॉल से निकली यह आक्रोश रैली सिविल लाइंस की ओर बढ़ी। रैली के चलते रामबाग सर्किल से अजमेरी गेट तक और स्टैच्यू सर्किल से राजमंदिर जाने वाले मार्गों पर लंबा जाम लग गया। कई वाहन चालक घंटों फंसे रहे, वहीं कुछ अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाए।
यह प्रदर्शन अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासभा के बैनर तले हुआ। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष महावीर शर्मा ने सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि
“दो साल से सरकार कर्मचारियों से बात करने को तैयार नहीं है। बजट के नाम पर सबको सुना जा रहा है, लेकिन कर्मचारियों के हिस्से सिर्फ 40 सेकंड आए।”
अनोखे विरोध ने खींचा ध्यान
प्रदर्शन के दौरान विरोध के कई रंग देखने को मिले। अलवर से आए पशुपालन निरीक्षक मानसिंह बैरवा और महेश मीणा ने मुर्गा बनकर सरकार के प्रति नाराजगी जताई। जालोर के शिक्षक भंवरलाल बिश्नोई नाचते हुए आगे बढ़े और OPS से छेड़छाड़ के खिलाफ जोरदार संदेश दिया।
कई कर्मचारी राजस्थानी गीतों के जरिए अपनी मांगें दोहराते रहे। रैली को भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ने की अनुमति नहीं मिली। पुलिस ने रूट बदलकर चौमूं हाउस सर्किल से 22 गोदाम की ओर मोड़ दिया। इससे नाराज कुछ कर्मचारी चौमूं हाउस सर्किल पर ही बैठ गए और सड़क पर विरोध शुरू कर दिया। ट्रैफिक संभालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया।
6 महीने से सैलरी नहीं
संविदा कर्मचारी ने बताया कि मनरेगा में काम करने के बावजूद उन्हें पिछले छह महीने से वेतन नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि सचिवालय में बैठे अधिकारी समय पर सैलरी उठा रहे हैं, जबकि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारी परेशान हैं।
ये हैं प्रमुख मांगें
कर्मचारियों ने पदोन्नति में पारदर्शिता पुरानी पेंशन योजना (OPS) से छेड़छाड़ बंद करने संविदा व ठेका कर्मियों को नियमित करने ट्रांसफर नीति लागू करने निजीकरण पर रोक सी कई मांगें सरकार के सामने रखीं।
आंदोलन की चेतावनी
रैली का समापन 22 गोदाम धरना स्थल पर हुआ। नेताओं ने साफ कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। अगर सरकार ने मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में प्रदेशव्यापी बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

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