न्यायिक कर्मचारी आज से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर
24 News Update सलूम्बर. राजस्थान में अधीनस्थ अदालतों के कर्मचारियों के कैडर पुनर्गठन का मामला हाईकोर्ट की पूर्णपीठ से मंजूरी मिलने के बावजूद राज्य सरकार और वित्त विभाग की स्वीकृति के अभाव में अब भी लंबित है। इससे नाराज न्यायिक कर्मचारियों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर जाने की घोषणा की है।राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के प्रवक्ता योगेश महर्षि ने बताया कि हाईकोर्ट की पूर्णपीठ ने दो वर्ष पूर्व ही कैडर पुनर्गठन से जुड़ा प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जो न्यायिक कर्मचारियों के हितों की अनदेखी है।
सामूहिक अवकाश
संघ के अनुसार पिछले चार दिनों से प्रदेश अध्यक्ष सहित कई पदाधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। इससे आक्रोशित होकर गुरुवार को सभी जिलों के अध्यक्षों की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें शुक्रवार से सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय लिया गया।
न्यायिक कार्य बाधित होने की आशंका
प्रदेश में न्यायिक कर्मचारियों की संख्या 21,000 से अधिक है। उनके अवकाश पर जाने से अधीनस्थ अदालतों का कामकाज ठप होने की आशंका है। कई स्थानों पर न्यायिक अधिकारियों को स्वयं अदालतों के ताले खोलने पड़ सकते हैं।
सरकार पर मनमानी का आरोप
जयपुर जिला न्यायालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नरेंद्र यादव ने कहा कि सरकार न्यायिक कर्मचारियों की मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही मांगों पर विचार नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

