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ईद : खुशियों और भाईचारे के रंग तो कहीं काली पट्टियों के बीच अदा हुई नमाज, अमेरिका-इजराइल के खिलाफ गूंजे नारे

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24 News Update जयपुर/उदयपुर। अबकी बार ईद-उल-फितर का त्योहार दो रंगों वाला है। आमतौर पर खुशियों, गले मिलने और मिठास वाले इस त्योहार पर इस बार राजस्थान के कई शहरों में अलग ही तस्वीर सामने आई है। जयपुर के आमेर से लेकर सीकर और उदयपुर, अजमेर सहित अन्य शहरों तक, नमाज के साथ-साथ विरोध की आवाजें भी गूंजती रहीं। जयपुर में महिलाएं और बच्चे तक सड़कों पर उतर आए—हाथों में तख्तियां और जुबां पर अमेरिका-इजराइल के खिलाफ नारे दिखाई दिए। जबकि इन्हीं जगहों पर भाईचारे और गंगा जमुनी तहजीब के खुशनुमा रंग भी खिले, एक दूसरे को गले लगाकर और ईदी देकर शुभकामनाएं भी दी गईं। जन प्रतिनिधियों की भी मौजूदगी रही।
जयपुर के आमेर इलाके में शिया और सुन्नी मुस्लिम समाज की महिलाओं ने पैदल मार्च निकालकर अपना आक्रोश जाहिर किया। छोटे-छोटे बच्चों की मौजूदगी ने इस विरोध को और भी संवेदनशील बना दिया। उधर, सुभाष चौक और जामा मस्जिद जैसे इलाकों में काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की गई और मस्जिदों पर काले झंडे लगाए गए। सीकर और अन्य जिलों में भी यही दृश्य देखने को मिला—जहां इबादत के साथ नाराजगी का इजहार भी बराबर चलता रहा। उदयपुर संभाग में भी खुशियों के रंग के साथ ही कुछ जगहों पर गमगीन माहौल भी देखा गया, काली पट्टी बांध कर नमाज अदा की गई तथा एक वर्ग ने बहुत ही सादे अंदाज में ईद मनाई।
अजमेर में धार्मिक माहौल पूरी तरह शोक में डूबा नजर आया। दौराई के इमाम-ए-जुमा मौलाना सैय्यद तकी जाफर ने साफ कहा कि यह खुशी का नहीं, मातम का वक्त है। उन्होंने घोषणा की कि इस बार न नए कपड़े पहनेंगे, न मिठाइयां बनेंगी—ईद को सादगी और शोक के साथ मनाया जाएगा। वहीं ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में जन्नती दरवाजा आधे दिन के लिए खोला गया, जहां बड़ी संख्या में जायरीन ने जियारत की और अमन-चैन की दुआ मांगी।
हालांकि सामाजिक सौहार्द की तस्वीर भी सामने आई। जयपुर के दिल्ली रोड स्थित ईदगाह में नमाज के बाद हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने नमाजियों पर फूल बरसाए और गले मिलकर मुबारकबाद दी। उदयपुर में भी यही भाई चारा देखने को मिला। पलटन की मस्जिद सहित अन्य ईदगाहों पर नमाज अदा कर खुशियां बांटी गई। सर्व धर्म समभाव का संदेश दिया गया।
सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। कई शहरों में ड्रोन से निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल और फ्लैग मार्च के जरिए माहौल को नियंत्रित रखा गया।
बांसवाड़ा में पाला रोड स्थित जामा मस्जिद से अंजुमन इस्लामिया के सदर शोएब खान और शहर काजी के साथ जुलूस निकाला गया। इसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोग ईदगाह पहुंचे और सुबह 8:30 बजे नमाज अदा की गई। इसके बाद एक-दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद दी।

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