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डमी कैंडिडेट का खेल: परीक्षा में दूसरे को बैठाकर बना सीनियर टीचर, 2 साल बाद SOG के शिकंजे में

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24 News Update जयपुर। राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा की साख पर एक और बड़ा दाग सामने आया है। दूसरे को परीक्षा में बैठाकर खुद सीनियर टीचर बनने वाले आरोपी को आखिरकार स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने गिरफ्तार कर लिया। हैरानी की बात यह है कि आरोपी दो साल तक पहचान छुपाकर ठिकाने बदल-बदलकर फरारी काटता रहा।
एडीजी SOG विशाल बंसल के अनुसार, दिसंबर 2023 में दर्ज सीनियर टीचर भर्ती चीटिंग केस में मुख्य आरोपी अशोक कुमार विश्नोई (29) को बाड़मेर से दबोचा गया, जबकि डमी कैंडिडेट विजय पाल सिंह (30) को जालोर से गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

पेपर लीक के बाद दोबारा हुई थी परीक्षा
यह मामला राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सीनियर टीचर (द्वितीय श्रेणी) भर्ती परीक्षा-2022 से जुड़ा है।
24 दिसंबर 2022 को हुई परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद इसे रद्द करना पड़ा था। इसके बाद 29 जनवरी 2023 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।

डमी बैठाकर हासिल की नौकरी
जांच में सामने आया कि धोरीमन्ना (बाड़मेर) निवासी अशोक विश्नोई ने दोनों विषयों की परीक्षा खुद नहीं दी, बल्कि डमी कैंडिडेट बैठाए।
सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान का पेपर जालोर निवासी हनुमानाराम विश्नोई ने दिया, जो खुद पहले से सीनियर टीचर था। इस पूरे खेल के बाद अशोक विश्नोई सीनियर टीचर (विज्ञान) के पद पर चयनित हो गया—यानी बिना परीक्षा दिए नौकरी हासिल कर ली।

इनामी आरोपी और फरारी का खेल
SOG ने 17 फरवरी 2026 को हनुमानाराम को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य आरोपी अशोक पिछले दो साल से फरार था। उस पर 5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। इसी तरह एक अन्य केस में बामनवास (सवाई माधोपुर) निवासी सूरतराम मीणा ने भी दोनों पेपर खुद नहीं दिए। विज्ञान विषय के लिए महिपाल विश्नोई (एमबीबीएस छात्र) और सामान्य ज्ञान के लिए विजय पाल सिंह को डमी कैंडिडेट बनाया गया।
विजय पाल पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था, जिसे अब गिरफ्तार कर लिया गया है।

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