Site icon 24 News Update

थ्रेशर मशीन हादसे में उखड़ी सिर की त्वचा को जोड़ा, डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी में रचा इतिहास

Advertisements

24 News Update उदयपुर। उदयपुर के आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए एक बेहद जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। थ्रेशर मशीन हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 40 वर्षीय मरीज के सिर की पूरी तरह उखड़ी त्वचा (स्कल्प एवल्शन) को उन्नत ‘ट्रांसपोजिशन फ्लैप’ तकनीक के जरिए पुनर्जीवित कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, खेती के दौरान थ्रेशर मशीन की चपेट में आने से मरीज के सिर की त्वचा पूरी तरह अलग हो गई थी। इस तरह के मामलों में संक्रमण का खतरा बेहद ज्यादा होता है और मस्तिष्क की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। मरीज की हालत नाजुक थी और तुरंत सर्जिकल हस्तक्षेप जरूरी था।

प्लास्टिक एवं कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. विकास चौधरी ने बताया कि इस जटिल ऑपरेशन में ‘ट्रांसपोजिशन फ्लैप’ तकनीक का इस्तेमाल किया गया। इस प्रक्रिया में घाव के पास के स्वस्थ ऊतकों को सावधानीपूर्वक स्थानांतरित कर प्रभावित हिस्से को कवर किया जाता है। इस तकनीक की खासियत यह है कि इसमें रक्त आपूर्ति बनी रहती है, जिससे घाव तेजी से भरता है और बेहतर कॉस्मेटिक परिणाम भी मिलते हैं।

डॉ. राहुल जैन, प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक, ने इस सफलता पर संतोष जताते हुए कहा कि अब इस तरह की अत्याधुनिक और महंगी प्लास्टिक सर्जरी सुविधाएं सरकारी योजनाओं के तहत पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। इससे मरीजों को अहमदाबाद और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ती और उनका आर्थिक बोझ कम होता है।

इस जटिल सर्जरी में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के मेडिकल अधीक्षक डॉ. विपिन माथुर का मार्गदर्शन रहा। सर्जरी टीम में डॉ. विकास चौधरी के साथ एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. उदिता नैथानी, डॉ. खेमराज मीणा और अन्य स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डॉ. चौधरी ने बताया कि इस सर्जरी का उद्देश्य केवल घाव को भरना नहीं, बल्कि मरीज की कार्यात्मक क्षमता को बहाल कर उसे सामान्य जीवन में वापस लाना भी है। उदयपुर सहित पूरे संभाग के मरीजों के लिए यह सुविधा बड़ी राहत साबित हो रही है, जिससे अब जटिल प्लास्टिक सर्जरी के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम हो रही है।

Exit mobile version