24 News Update जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में मंगलवार को न्यायिक अनुशासन को लेकर बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने अधीनस्थ न्यायालयों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें 8 न्यायिक अधिकारी अपने निर्धारित कोर्ट टाइम में सीट पर उपस्थित नहीं पाए गए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने कुछ ही देर बाद सभी 8 अधिकारियों को एपीओ (पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा) में रखने के निर्देश जारी कर दिए।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ न्यायिक अधिकारी कोर्ट समय के दौरान चैंबर में निर्णय लिखवाने में व्यस्त थे, जबकि न्यायालयों में कोर्ट टाइम और चैंबर टाइम स्पष्ट रूप से निर्धारित है। इस स्थिति को न्यायिक कार्यप्रणाली और समयबद्धता के प्रतिकूल मानते हुए तत्काल कार्रवाई की गई।
सुरक्षा अलर्ट के बीच हुआ निरीक्षण
गौरतलब है कि मंगलवार सुबह जोधपुर के झालामंड स्थित हाईकोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से न्यायिक कार्य प्रभावित रहा। हाईकोर्ट प्रशासन को ई-मेल के माध्यम से धमकी प्राप्त हुई थी, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से पूरे परिसर को खाली कराया गया। जांच के चलते डिस्प्ले बोर्ड पर सूचना जारी की गई कि अदालतों की कार्यवाही सुबह 11:30 बजे से प्रारंभ होगी।इसी दौरान, सुरक्षा जांच के बीच ही कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुबह हाईकोर्ट हेरिटेज बिल्डिंग परिसर पहुंचे और वहां संचालित जिला, महानगर व अन्य अधीनस्थ न्यायालयों का अचानक निरीक्षण किया।
कई कोर्ट रूम खाली मिले
निरीक्षण के समय कई कोर्ट रूम खाली पाए गए और 8 न्यायिक अधिकारी अपने कोर्ट में मौजूद नहीं थे। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने इसे न्यायिक अनुशासन और संस्थागत जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए तत्काल संज्ञान लिया। निरीक्षण के कुछ समय बाद ही हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा की ओर से आदेश जारी कर 8 न्यायिक अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया गया। आदेश के अनुसार, अजय शर्मा को राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर में अपनी उपस्थिति देने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि अन्य 7 अधिकारियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जोधपुर जिला मुख्यालय पर रिपोर्ट करने को कहा गया है।
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