24 News update उदयपुर। उदयपुर जिले के गोगुंदा, झाड़ोल और कोटड़ा क्षेत्रों में चाइल्ड फण्ड इंडिया द्वारा संचालित स्वाभिमान परियोजना के तहत 1000 से अधिक जनजातीय किशोरियों को डिजिटल साक्षरता और जीवन कौशल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
22 से 27 अगस्त तक आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में प्रत्येक ब्लॉक में तीन दिवसीय सत्र रखे गए हैं। हर ब्लॉक से 50-50 बालिकाओं के बैच बनाकर उन्हें स्मार्ट डिवाइस, डिजिटल प्रणाली, मोबाइल एप्लीकेशन, साइबर सुरक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के ऑनलाइन फार्म भरने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी जा रही हैं। इसके साथ ही कंप्यूटर पर एक्सेल और वर्ड का भी अभ्यास कराया जा रहा है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर चाइल्ड फण्ड इंडिया के सीनियर फील्ड अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को डिजिटल युग के प्रति जागरूक करना और उन्हें शिक्षा, उच्च शिक्षा तथा रोजगार से जोड़ना है। उन्होंने कहा— “अब तक 800 से अधिक किशोरियों को डिजिटल साक्षरता और जीवन कौशल से संबंधित सत्रों के जरिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। यह प्रयास उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मजबूत कदम है।”
समापन अवसर पर गोगुंदा और कोटड़ा ब्लॉक की 100 बालिकाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। फील्ड अधिकारी आशीष चौधरी ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत गांव-गांव जाकर बाल विवाह रोकथाम, बालिकाओं की सुरक्षा और उनके नेतृत्व कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
शिविरों में चाइल्ड फण्ड इंडिया के स्थानीय कार्यकर्ता गणेश, तुलसी, गायत्री, लीला, रेवा शंकर, सवजी, महेश, प्रभु लाल और भूरी लाल का विशेष योगदान रहा।

