Site icon 24 News Update

सीटीएई, एमपीयूएटी उदयपुर में किसानों के लिए नीड-बेस्ड नवाचारी कृषि यंत्रों का विकास

Advertisements

24 News Update उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) के कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग (CTAE) स्थित फार्म मशीनरी एवं पावर विभाग के फार्म मशीनरी परीक्षण केंद्र का दौरा किया। इस अवसर पर विभाग में विकसित नवीन कृषि यंत्रों का निरीक्षण किया गया और वैज्ञानिकों द्वारा आधुनिक कृषि यंत्र परीक्षण उपकरणों का प्रदर्शन किया गया।
कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने किसानों की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नीड-बेस्ड और नवाचारी कृषि यंत्रों के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन यंत्रों का उद्देश्य किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाना है। कृषि कार्यों को सरल, कम लागत वाला और अधिक लाभकारी बनाने के लिए उपकरणों का विकास किसानों की समस्याओं के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों और शोधार्थियों की विशेष टीमों का गठन किया जाए, जो आसपास के गांवों में जाकर किसानों के साथ संवाद करें और उनकी प्राथमिक आवश्यकताओं का सर्वेक्षण करें। इसके आधार पर कम लागत, सरल और प्रभावी कृषि मशीनों की डिजाइन एवं विकास किया जाएगा। इस प्रक्रिया से विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और किसानों को उनकी जरूरतों के अनुसार तकनीकी समाधान मिलेंगे। कुलगुरु ने यह भी बताया कि आगामी समय में कृषि यंत्र निर्माताओं के साथ एमओयू किए जाएंगे, ताकि उद्योग-विश्वविद्यालय सहयोग से आवश्यकता-आधारित कृषि मशीनों का संयुक्त विकास किया जा सके। वर्तमान में सीटीएई के वैज्ञानिक बैटरी चालित बीज मसाला एवं स्वीट कॉर्न बुवाई यंत्र, मेहंदी फसल के कटाई यंत्र, बीज मसाला फसलों के थ्रेशर सहित कई नवाचारी कृषि यंत्र विकसित कर रहे हैं। ये यंत्र स्थानीय परिस्थितियों और किसानों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं, जिससे खेती अधिक टिकाऊ और लाभकारी बन सके। इस अवसर पर मीडिया प्रकोष्ठ एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. जी. एल. मीना ने इस पहल की जानकारी साझा की।

Exit mobile version