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विदेशी पर्यटक कोटे में ‘देसी खेल’ का खुलासा: ट्रेन में विदेशी बनकर सफर कर रहे थे भारतीय यात्री, 121 पकड़े, 3.56 लाख जुर्माना

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24 News Update नई दिल्ली। रेलवे में विदेशी पर्यटकों के लिए आरक्षित सीटों पर अब ‘फर्जी विदेशी यात्रियों’ का खेल सामने आया है। मध्य रेल ने विदेशी पर्यटक कोटे के दुरुपयोग पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 39 संदिग्ध मामलों का खुलासा किया है। जांच में 121 भारतीय यात्री बिना वैध दस्तावेजों के विदेशी पर्यटक कोटे में यात्रा करते पकड़े गए, जिनसे 3 लाख 56 हजार 916 रुपए जुर्माना वसूला गया।
पूरा मामला तब सामने आया जब 4 फरवरी 2026 को ट्रेन संख्या 12296 संगमित्रा एक्सप्रेस में टिकट जांच के दौरान कुछ यात्री विदेशी पर्यटक कोटे के टिकट पर सफर करते मिले, लेकिन उनके पास विदेशी नागरिकों से जुड़े जरूरी दस्तावेज नहीं थे। शुरुआती शक ने रेलवे को बड़े रैकेट की तरफ इशारा दिया।
इसके बाद मध्य रेल ने विदेशी पर्यटक कोटे में की गई भविष्य की बुकिंग का डेटा खंगाला। जांच में 24 अप्रैल से 11 जून 2026 के बीच 31 ट्रेनों में जारी 174 पीएनआर संदिग्ध मिले। रेलवे के टिकट चेकिंग स्टाफ ने विशेष अभियान चलाकर इन टिकटों की पड़ताल की तो 39 पीएनआर पूरी तरह नियमों के खिलाफ पाए गए।
कार्रवाई के दौरान 121 यात्रियों को अनियमित तरीके से यात्रा करते पकड़ा गया। रेलवे ने न सिर्फ उनसे जुर्माना वसूला, बल्कि उनकी सीटें भी तुरंत निरस्त कर दीं। बाद में वे सीटें आरएसी और प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को दे दी गईं। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा था, जिसमें कुछ लोग विदेशी पर्यटक कोटे का गलत इस्तेमाल कर कन्फर्म सीट हासिल कर रहे थे।
अब जांच की सुई टिकट एजेंटों की तरफ भी घूम गई है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम से अतिरिक्त जानकारी मांगी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन बुकिंग्स के पीछे कोई अधिकृत एजेंट या संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।
रेलवे ने साफ किया है कि गलत कोटे में टिकट बुक करना रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। यात्रियों को उसी श्रेणी के वैध दस्तावेज साथ रखने होंगे, जिस कोटे में टिकट बुक कराया गया हो।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध बुकिंग या फर्जीवाड़े की जानकारी रेलवे हेल्पलाइन 139 या रेल मदद ऐप के जरिए तुरंत साझा करें।

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