24 News Update उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर में पेंशनधारक कल्याण सोसायटी के वार्षिक अधिवेशन तथा वरिष्ठ पेंशनधारक सम्मान समारोह में राजस्थान के कृषि विश्वविद्यालयों में लंबे समय से लंबित पेंशन समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई गई। राजस्थान कृषि महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से आए 450 से अधिक सेवानिवृत्त शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए।मुख्य अतिथि स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलपति डॉ. आर. बी. दुबे ने कहा कि राजस्थान के पांचों कृषि विश्वविद्यालय—उदयपुर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा और बांदीकुई—यदि एक मंच पर आकर राज्य सरकार के समक्ष ठोस प्रस्ताव रखें तो पेंशन समस्या का स्थायी समाधान संभव है। उन्होंने बताया कि कुलपति पद संभालते समय विश्वविद्यालय में तीन माह की पेंशन बकाया थी, जिसे प्राथमिकता देते हुए चार दिनों में जारी कराया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के कुलपति डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों के सामने पेंशन भुगतान एक बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर पांचों कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और पेंशनधारक सोसायटी के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक जल्द आयोजित कर राज्य सरकार को प्रतिवेदन सौंपा जाएगा।सोसायटी अध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र कुमार भटनागर ने बताया कि वर्तमान में पेंशन भुगतान के लिए उदयपुर नगर विकास प्राधिकरण प्रतिमाह लगभग पाँच करोड़ रुपये उपलब्ध करा रहा है, जबकि विश्वविद्यालय अपने संसाधनों से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था अस्थायी है, इसलिए राज्य सरकार से स्थायी वित्तीय व्यवस्था की मांग की जा रही है।सोसायटी के प्रवक्ता वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि संस्था वर्ष 2008 से सक्रिय है और विश्वविद्यालय के 1461 पेंशनधारकों का प्रतिनिधित्व करती है।पूर्व विशेषाधिकारी डॉ. सुभाष भार्गव ने कहा कि पेंशन कर्मचारी का वैधानिक और नैतिक अधिकार है तथा सेवा नियमों के अनुसार यह जीवनभर की सेवा का प्रतिफल है।कार्यक्रम में 70, 75, 80 और 85 वर्ष से अधिक आयु के 139 वरिष्ठ पेंशनधारकों को मेवाड़ी पाग, उपरना, शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सोसायटी के कोषाध्यक्ष देवीलाल तेली ने बताया कि वित्तीय अनुशासन के कारण सोसायटी की कुल चल-अचल संपत्ति बढ़कर 40 लाख 27 हजार 229 रुपये हो गई है।अधिवेशन में कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, जयपुर, अजमेर, जोधपुर, सिरोही, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, राजसमंद, प्रतापगढ़, सलूम्बर और उदयपुर सहित कई जिलों में रहने वाले पेंशनधारकों ने भाग लिया।कार्यक्रम का संचालन डॉ. गायत्री तिवारी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सोसायटी के महामंत्री आर. के. राजपूत ने दिया। आयोजन में पूर्व कुलपति डॉ. उमाशंकर शर्मा, डॉ. प्रकाशचंद्र कंठालिया, आर. पी. शर्मा, गणेशलाल पालीवाल सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation रणधीरोत कोठारी परिवार का प्रथम अखिल भारतीय सम्मेलन उदयपुर में संपन्न, देशभर से लगभग 160 प्रतिनिधियों ने लिया भाग, परिवार के इतिहास के संकलन का आह्वान राज्यपाल श्री बागडे मंगलवार को उदयपुर में