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देशभर में 12.8 करोड़ की साइबर ठगी: बैंक अधिकारियों की मदद से अमन ने रची बड़ी साजिश, दो गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार

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24 न्यूज अपडेट, बांसवाड़ा। देश के 12 राज्यों में फैले साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का बांसवाड़ा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस ठगी में बांसवाड़ा स्थित यस बैंक के डिप्टी मैनेजर और बैंक का पूर्व कर्मचारी सीधे शामिल थे। इन दोनों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी अमन कलाल अभी फरार है। डीएसपी गोपीचंद मीणा ने बताया कि ठगी के इस रैकेट में गिरफ्तार किए गए आरोपी मेगनेश जैन (उम्र 28) वर्तमान में बांसवाड़ा स्थित यस बैंक में डिप्टी मैनेजर है। वहीं दिव्यांशु सिंह (उम्र 30) पहले बैंक का कर्मचारी रह चुका है। मास्टरमाइंड अमन कलाल (निवासी परतापुर, बांसवाड़ा) ने इन दोनों को साजिश में शामिल किया और बैंक के निष्क्रिय खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम छिपाने व निकालने में किया गया।
डिजिटल गिरफ्तारी और निवेश का लालच देकर लूटी रकम
साइबर अपराधियों ने “डिजिटल अरेस्ट”, निवेश पर अधिक रिटर्न, क्रिप्टो ट्रेडिंग, और पार्ट-टाइम नौकरी का झांसा देकर लोगों को जाल में फंसाया। जब पीड़ित डर जाते, तो उन्हें फर्जी पुलिस या एजेंसियों के नाम पर धमकाकर क्यूआर कोड स्कैन करवा कर या फर्जी वेबसाइट से रकम वसूली जाती थी।
बिना अप्रूवल खातों को किया अनफ्रीज, चेक से कैश निकासी
जांच में खुलासा हुआ कि मेगनेश जैन खातों को बैंक की आधिकारिक प्रक्रिया के बिना अनफ्रीज करता था। उसके बाद उन खातों से फर्जी चेकों और जाली हस्ताक्षरों के जरिए नकद निकासी होती थी। निकाली गई राशि को हवाला चैनल के ज़रिए दुबई भेजा गया। पुलिस को यह भी पता चला है कि अमन और उसकी पत्नी हाल ही में दुबई गए थे, जिससे विदेश से तार जुड़े होने की संभावना और गहरा गई है।
44 से अधिक शिकायतें, 11 खातों पर गहरा संदेह
बांसवाड़ा साइबर थाना पुलिस के अनुसार, देशभर के राज्यों — कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, गोवा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, बिहार, तेलंगाना, हरियाणा और गुजरात — में कुल 44 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। इन सभी में उपयोग किए गए बैंक खातों की जानकारी बांसवाड़ा क्षेत्र के लोगों से जुड़ी है।
जान-पहचान के खातों का दुरुपयोग
पूर्व बैंक कर्मचारी दिव्यांशु ने 2022 में नौकरी के दौरान अपने परिचितों से खाते खुलवाए थे। उसने भरोसे में लेकर उनके एटीएम व चेकबुक अपने पास रख लिए। खाता बंद करने के नाम पर लोगों से दस्तावेज लेकर खातों को बंद नहीं किया, बल्कि उन खातों का उपयोग ठगी में किया गया। साइबर ठगी के मामलों में जिन खातों का दुरुपयोग हुआ, उनमें भचड़िया के बालकृष्ण डोडियार, डड़का की शीतल बेन कलाल, आमजा के कौशल, चौपासाग के राहुल पाटीदार, आमना की रेखा कुमारी, डडूका के संदेश शाह और तनेश शाह, सिंधी कॉलोनी के संतोष कुमार शर्मा सहित कुल 11 व्यक्तियों के बैंक खाते शामिल हैं।
पुलिस जुटी मास्टरमाइंड की तलाश में
बांसवाड़ा पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं। पुलिस का मानना है कि अमन कलाल के जरिए यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हो सकता है। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस की कार्रवाई भी की जा रही है।

साइबर ठगों की कार्य प्रणाली
1- ये लोग आम लोगो को मोबाईल फोन पर कॉल करके अथवा फेक मैसेज करके डराते थे कि आप ड्रग्स तस्करी में लिप्त है आपके खिलाफ केन्द्रिय एजेंसी द्वारा कार्यवाही जारी है कभी भी गिरफ्तार हो सकते हो
2- शेयर मार्केट में अच्छा बेनिफिट दिलाने के नाम पर इन्वेस्टमेंट कराना।
3- टेलिग्राम चेनल से कुछ होटल और रेस्टॉरेंट का रेटिंग करने का निमन्त्रण देकर शुरुआत में कुछ लाभ देकर उन लोगो से बडा अमाउण्ट डलवाकर हडप लेना।
4- क्रेडिट एवं डेबिट में गडबडी होना एवं मनी लॉड्रिंग के केस में फंसने का कॉल कर गिरफ्तारी वारण्ट
जारी होना बताकर धमकाकर ठगी करना।

5- मानव तस्करी में लिप्त होने का भय बताकर गिरफ्तारी का डर दिखाकर गिरफ्तारी से बचाने हेतु
लाखों रूपये प्राप्त करना।
6- कस्टम विभाग के अधिकारी बनकर लोगों को गिरफ्तारी का भय दिखाकर मोटी रकम वसुलना।
7- JPM Chase कम्पनी के बेनर के नाम पर स्टॉक एक्सचेंज 10 नामक वॉट्सअप ग्रुप में शेयर ट्रेडिंग कराने के नाम पर लोगो से पैसे डलवाकर धोखाधड़ी करना।
8- डीएलएफ प्रोजेक्ट कम्पनी एवं अन्य नौकरी दिलाने/पार्टटाईम जॉब दिलाने के नाम पर लोगो से
धोखाधडी करना।
9- मोबाईल ट्रेडिंग एप एवं इ-ट्रेडर्स में इन्वेस्टमेंट कराकर धोखा देना।
10- क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग के नाम पर रूपये जमा करवा लोगो से विश्वासघात करना।
11- आम लोगो को अपनी मन मर्जी से ग्रुप में जोडकर टेलिग्राम पर टास्क देकर बडा मुनाफा कमाने का लालच देकर उसमें बड़ी राशि इन्वेंस्ट कराना
12- फर्जी फोरेक्स ट्रेडिंग, स्टेडिज केपिटल ट्रेडिंग, फिनब्रिज केपिटल ट्रेडिंग जिसमें उद्योगपति नारायण मुर्ति और अशोक अंबानी द्वारा विज्ञापन दिखाये जाकर लोगो को फर्जी लिंक भेजकर पंजिकरण करा मोटी राशि इन्वेस्ट करा धोखाधड़ी करना।
13- एसबीआई सिक्योरिटीज के नाम पर फेसबुक और वॉटसअप पर एठ चलाकर फर्जी डिमेंट अकाउण्ट
खुलवाकर स्टॉक ट्रेडिंग में इन्वेस्टमेंट कराना एवं डिजीटल अरेस्ट करने के नाम पर धोखाधड़ी करना।
14- मोबाईल में टेलिग्राम एप पर ऑन लाईन काम करने का टास्क देकर धोखाधड़ी करना।
15- पर्थमिन्ट गोल्ड टेलिग्राम ग्रुप में टेलिग्राम पर ही रूपये दुगुने एवं ऑन लाईन मार्केटिंग करने सहित अन्य कई तरीको से आम लोगो के साथ साइबर अपराध कर गिरफ्तारी का भय बताकर ऑन लाईन ही क्युआर कोड एवं मोबाईल पर रूपये ट्रांसफर कराकर घोखाधड़ी करना।

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