24 न्यज अपडेट, उदयपुर। वर्क फ्रॉड और इन्वेस्टमेंट स्कीम के नाम पर लाखों रुपये की ठगी के मामले में उदयपुर साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बाड़मेर जिले से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
प्रकरण के अनुसार, दिनांक 13 जून 2025 को सरदारपुरा निवासी भूपेन्द्र सिंह पुत्र विक्रम सिंह राठौड़ ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर ’वर्क प्लेटफॉर्म’ के नाम पर टास्क पूरा करने के एवज में अच्छा मुनाफा देने का लालच दिया। शुरूआत में लाभ दिखाकर उससे विभिन्न किश्तों में कुल ₹21,63,845/- की ऑनलाइन ठगी कर ली गई।
साइबर थाने में मामला संख्या 10/2025 भारतीय न्याया संहिता की धारा 316(2), 318(4) एवं आईटी एक्ट की धारा 66डी के अंतर्गत दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई।
जिला पुलिस अधीक्षक श्री योगेश गोयल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रामेश्वर परिहार के सुपरविजन में पुलिस निरीक्षक श्री रामनिवास विश्नोई के नेतृत्व में गठित टीम ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में सघन खोजबीन की। इसी दौरान बाड़मेर जिले के राणासर खुर्द गांव, थाना नगर (आरजीटी) निवासी अशोक कुमार पुत्र मोहन राम को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है। साइबर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वर्क फ्रॉड, इन्वेस्टमेंट स्कीम या आसान मुनाफे वाले किसी भी ऑनलाइन प्रस्ताव पर विश्वास न करें। कोई भी लेन-देन करने से पूर्व संबंधित प्लेटफॉर्म या कंपनी की सत्यता अवश्य जांचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय थाना पर सूचना दें।
पुलिस टीम में शामिल अधिकारीगणः
रामनिवास विश्नोई, पुलिस निरीक्षक (टीम प्रभारी)
रामानंद-कांस्टेबल (क्रमांक 2738)
कुलदीप सिंह – कांस्टेबल (क्रमांक 2018)
करण सिंह – कांस्टेबल (क्रमांक 2783)
वर्क फ्रॉड के नाम पर 21.63 लाख की साइबर ठगी, बाड़मेर से पकड़ा गया आरोपी

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