24 news Update निंबाहेड़ा (कविता पारख)। निम्बाहेड़ा से मंगलवाड़त तक मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया। मामले में आज आरएसआरडीसी अधिकारी यूनिक कंसारा स्वयं न्यायालय में उपस्थित हुए। उन्होंने आश्वासन दिया कि उक्त मार्ग को गड्ढामुक्त करने के लिए मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसे अधिकतम 20 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।
आरएसआरडीसी लिमिटेड ने न्यायालय को अवगत कराया कि मार्ग पर पेचवर्क के टेंडर जारी हो चुके हैं और मौके पर दुरस्तीकरण का कार्य प्रगति पर है। वहीं, याचिकाकर्ता अधिवक्ता निशांत मेहता एवं पूर्व पार्षद विजय काबरा ने न्यायालय को अवगत कराया कि वर्तमान में सड़क की स्थिति जस की तस है। आए दिन गड्ढों में वाहन फंसने से जाम की स्थिति उत्पन्न होती है और इसके बावजूद अवैध टोल वसूला जा रहा है।
अधिवक्ता मेहता ने मार्ग की वास्तविक स्थिति रिकॉर्ड पर लाने के लिए मौके पर निरीक्षण कमिश्नर नियुक्त करने का आवेदन भी पेश किया। इस पर अध्यक्ष टीएलएससी एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश निंबाहेड़ा राजकुमार चौहान ने अधिवक्ता अमरचंद धाकड़ को निरीक्षण कमिश्नर नियुक्त किया। उन्हें क्षतिग्रस्त मार्ग का स्थल निरीक्षण कर वस्तुस्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया है।
न्यायालय ने कहा कि आमजन को हो रही असुविधा को देखते हुए मार्ग का दुरस्तीकरण शीघ्र कराया जाए। याचिका के प्रभाव से आरएसआरडीसी विभाग हरकत में आया है और मौके पर मरम्मत कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। अब स्थल निरीक्षण कमिश्नर की रिपोर्ट तथा टोल रोड को लेकर न्यायालय में अगली सुनवाई का इंतजार रहेगा।

