24 News Update उदयपुर। श्री श्याम सेवा ट्रस्ट द्वारा डबोक एयरपोर्ट के पास तुलसीदास सराय में निर्मित हो रहे राजस्थान के दूसरे सबसे बड़े भव्य श्याम मंदिर के निर्माण कार्य को एक वर्ष पूर्ण हो चुका है। इस एक वर्ष में श्रद्धा, समर्पण और सेवा के साथ जिस गति से निर्माण कार्य हुआ है, वह आश्चर्यजनक और प्रेरणादायक है।प्रमुख ट्रस्टी अशोक पोद्दार ने जानकारी दी कि 24 जुलाई 2024 को मंदिर के गर्भगृह में वृंदावन के आचार्य ब्रजेश महाराज सहित पांच पंडितों के सान्निध्य में पूजा संपन्न हुई थी। तत्पश्चात, तत्कालीन कलेक्टर अरविंद पोसवाल, वर्तमान एसपी योगेश गोयल सहित कई गणमान्य नागरिकों, ट्रस्टीगण एवं श्रद्धालुओं ने शिलाओं को सिर पर धारण कर गर्भगृहों में प्रतिष्ठापित किया। मंत्रोच्चार के बीच गणेशजी, हनुमानजी, शंकरजी, राणी सती दादी एवं खाटू श्यामजी के मंदिरों की शिलाएं 11 फीट गहराई में स्थापित की गईं, जिससे पूरा परिसर “जय श्री श्याम” और “हारे के सहारे की जय” के नारों से गूंज उठा।सचिव प्रताप नारायण गुप्ता के अनुसार, निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। 10 जून 2025 को राम मंदिर की तर्ज पर सांसद, विधायक, कलेक्टर, डीआईजी, एसपी, एडीएम, आईएएस, आईपीएस अधिकारियों, ट्रस्टीगण एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विशेष पूजा के बाद 5 मंदिरों के आधार शिलाएं 21 फीट ऊंचाई पर स्थापित की गईं। यही स्थान भविष्य में भगवान के चरण कमलों की प्रतिष्ठा के लिए तय किया गया है।ट्रस्टी उमेश दाधीच ने बताया कि एक वर्ष पूर्व 24 जुलाई को आयोजित सावनोत्सव झूलोत्सव कीर्तन में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना था। तब से लेकर अब तक हर माह कीर्तन आयोजन लगातार हो रहा है, भले ही अनेक बाधाएं आई हों।ट्रस्टी राजू शर्मा ने बताया कि मंदिर 1,17,000 वर्गफुट क्षेत्रफल में निर्मित होगा, जिसमें मुख्य मंदिर का फ्लोर एरिया 13,000 स्क्वायर फीट होगा और नीचे 9,000 स्क्वायर फीट का हाल बनाया गया है, जहां इस माह से नियमित कीर्तन प्रारंभ हो गया है। मंदिर की कुल ऊंचाई 91 फीट होगी, जो मुख्य हाइवे से 20 फीट ऊपर रहेगा, जिससे सड़क से भी मंदिर के दर्शन संभव होंगे।एन. एल. खेतान ने बताया कि अब से ही भक्तों की भारी भीड़ मंदिर में उमड़ने लगी है। मंदिर निर्माण में वही पत्थर उपयोग हो रहे हैं जो अयोध्या के श्रीराम मंदिर में लगे हैं, जिन्हें बांसी भरतपुर से मंगाया जा रहा है।ट्रस्टी अमिताभ गोयल ने बताया कि परिसर में गौशाला, 100 कमरों की धर्मशाला, वृद्धाश्रम और 30,000 स्क्वायर फीट का भव्य गार्डन भी बनाया जाएगा। कोषाध्यक्ष विष्णु रांदड़ ने आशा जताई कि मंदिर का निर्माण कार्य वर्ष 2026 तक पूर्ण हो जाएगा।एक वर्ष पूर्ण होने पर 30 अगस्त को विशेष झूलोत्सव कीर्तन बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर जयपुर के सांवरिया डेकोरेटर प्रतिमास मंदिर को विविध श्रृंगारों से सजाते हैं। उमेश म्यूजिकल ग्रुप नीमच कीर्तन में संगीत संगत करता है, जबकि हिमांशु साउंड और अनिल वैद्य द्वारा पंडाल, दरबार एवं रंग-बिरंगी रोशनियों से मंदिर परिसर को जगमगाया जाता है।अध्यक्ष शशिकांत ने इस अवसर पर सभी ट्रस्टीगण, कार्यकर्ताओं, श्याम प्रेमियों, श्रद्धालुओं और मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए हार्दिक प्रशंसा और बधाई दी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मेवाड़ जनशक्ति दल के सदस्यों ने किया पौधारोपण बेटी को विदाई में कार दो या न दो, संस्कार अवश्य दें : राष्ट्रसंत पुलक सागर महाराज