Site icon 24 News Update

फिजियो फेस्ट-2026 की रंगारंग शुरुआत: राजस्थानी-पंजाबी धुनों पर थिरके विद्यार्थी, प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

Advertisements

24 News Update उदयपुर। उदयपुर में राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के संघटक फिजियोथेरेपी चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा आयोजित सांस्कृतिक समारोह “फिजियो फेस्ट-2026” का मंगलवार को भव्य आगाज हुआ। बीएड कॉलेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ कुलाधिपति भंवरलाल गुर्जर, कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत और प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र मेहता ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। राजस्थानी और पंजाबी रिमिक्स गीतों पर समूह नृत्य, एकल नृत्य, एकल गायन और कैटवॉक जैसी प्रस्तुतियों ने सभागार में मौजूद अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया।

सेवा भावना ही चिकित्सक की पहचान
समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने विद्यार्थियों से कहा कि चिकित्सकीय क्षेत्र में सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। उन्होंने भावी फिजियोथेरेपिस्ट से आह्वान किया कि वे मरीजों को भगवान का स्वरूप मानकर सेवा करें, क्योंकि सच्ची सेवा ही जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है।
उन्होंने बताया कि फिजियोथेरेपी चिकित्सा महाविद्यालय इस वर्ष अपना रजत जयंती वर्ष मना रहा है। इस अवसर पर वर्षभर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संस्कृति से जुड़ाव का संदेश
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति भंवरलाल गुर्जर ने कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति और सभ्यता को जीवंत बनाए रखने का माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की हर गतिविधि में भाग लेने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जीत-हार से अधिक महत्वपूर्ण सीख और अनुभव होता है।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान
समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
बेस्ट स्टूडेंट अवार्ड – हर्षिता सुथार
बेस्ट प्लेयर अवार्ड – अंकित चौहान, प्रियांशी पालीवाल, भूमि जैन, अदिति जोशी और हर्षिता सुथार रहे। कार्यक्रम में डॉ. इंदु आचार्य, डॉ. नीतू व्यास और डॉ. कुसुम चन्द्रायन ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रज्ञा भट्ट ने किया, जबकि आभार डॉ. विनोद नायर ने व्यक्त किया।

Exit mobile version