24 News Update चित्तौड़गढ़/बानसेन। पंचायत समिति भदेसर की ग्राम पंचायत बानसेन में सार्वजनिक भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण को लेकर लंबे समय से चल रही उदासीनता और मिलीभगत आखिरकार बेनकाब हो गई है। बीडीओ अभिषेक शर्मा द्वारा सख्त फटकार के बाद अब खुलासा हुआ है कि पंचायत प्रशासक कन्हैयालाल वैष्णव और ग्राम विकास अधिकारी घनश्याम रेगर शिकायतों के बावजूद महीनों से अवैध निर्माणकर्ता को संरक्षण दे रहे थे।जिन दस्तावेजों को लेकर लगातार जांच चल रही है बताया जाता रहा, वे फाइलें बीडीओ के आदेश के बाद ही खुलीं—और उसमें सामने आया कि अवैध निर्माणकर्ता के पास न तो स्वामित्व के काग़ज़, न ही भवन अनुमति। दोनों अधिकारी चुप बैठे रहे, अवैध निर्माता ने रात में RCC छत भी डाल दीबीते दिनों बीडीओ ने दोनों अधिकारियों से पूछा कि दस्तावेज कहां अटके हैं? तब उन्होंने जवाब दिया—अवैध निर्माणकर्ता के पास कोई स्वामित्व दस्तावेज नहीं है और भवन अनुमति भी नहीं है। यही नहीं, यह भी उजागर हुआ कि जिनके नाम पर अवैध निर्माण किया जा रहा है, उनकी मां ने प्रधानमंत्री आवास योजना का ऋण भी ले रखा है।सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पता चला कि— ग्राम पंचायत ने खुद स्टे ऑर्डर जारी किया था, इसके बावजूद दोनों अधिकारियों की मौन सहमति से कल रात RCC की छत भी डाल दी गई। यानी अवैध निर्माणकर्ता को न सिर्फ संरक्षण मिला, बल्कि पंचायत का आदेश भी धज्जियों की तरह उड़ा दिया गया। BDO की फटकार के बाद बानसेन पंचायत होश में आईBDO अभिषेक शर्मा ने अधिकारियों को फटकारते हुए कहा कि तुरंत स्वामित्व और भवन अनुमति की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। नियमानुसार कार्रवाई करें। स्टे ऑर्डर का पालन सुनिश्चित करें। फटकार के बाद ही पंचायत ने अधर में लटकी फाइलों को निकालकर तथ्यों को स्वीकार किया। दो माह तक चली चुप्पी टूटने के बाद पहली बार यह स्पष्ट हुआ कि अवैध निर्माण पूरी तरह गैरकानूनी था। अब खुलासा—अवैध निर्माण का सच दबाया जा रहा थानवीन खुलासे से यह साफ हो गया है कि शिकायतें लगातार दी जा रही थीं। RTI में भी जानकारी दबाई गई।प्रथम अपीलीय अधिकारी का आदेश भी अनुपालन नहीं हुआ। निर्माण जारी रखने में अधिकारी और अवैध निर्माणकर्ता दोनों सक्रिय थे। यह मामला अब सिर्फ अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि सिस्टम की अंदरूनी मिलीभगत, लापरवाही और आदेशों की अवमानना का बन गया है। प्रशासन पर अब भी सवाल—BDO के बाद अगला कदम कौन उठाएगा?अवैध निर्माण का सच सामने आ चुका है, लेकिन अगला कदम क्या होगा? क्या बानसेन पंचायत पर कार्रवाई होगी? क्या प्रशासक और ग्राम विकास अधिकारी की भूमिका की विभागीय जांच होगी? या फिर यह फाइल भी किसी नई अलमारी में बंद कर दी जाएगी? क्या मौके पर बनाया निर्माण ध्वस्त होगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation 45 किलो डोडा-चूरा लेकर भाग रहा था तस्कर, स्विफ्ट कार समेत धर दबोचा चित्तौड़गढ़ बार एसोसिएशन चुनाव: नरेश शर्मा बने अध्यक्ष, चांदनी बैरागी और विशाल सिंह भाटी भी विजयी, मतदान 95% पार, अधिवक्ताओं में दिनभर उत्साह