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चित्तौड़गढ़: पिकनिक मनाने आए तीन युवकों की झरने में डूबने से मौत, SDRF ने दूसरे दिन शव निकाले

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24 News Update चित्तौड़गढ़. चित्तौड़गढ़ ज़िले के बस्सी थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध निलिया महादेव झरने में रविवार को पिकनिक मनाने आए तीन नर्सिंग छात्रों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दो शव तो सोमवार सुबह एसडीआरएफ और गोताखोर टीम की मदद से झरने से बाहर निकाले गए, जबकि एक शव रविवार शाम को ही मिल गया था।
कैसे हुआ हादसा?
बस्सी थाना अधिकारी मनीष वैष्णव ने बताया कि रविवार शाम झरने में एक युवक के डूबने की सूचना मिली थी। तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। कुछ देर की मशक्कत के बाद नागौर के गोटन थाना क्षेत्र के मोकलपुर निवासी नरेंद्र (21) पुत्र बाबूलाल जाट का शव बाहर निकाला गया। तलाशी के दौरान झरने के पास चौक में रखे एक बैग में तीन मोबाइल और तीन युवकों के कपड़े बरामद हुए। इससे पुलिस को शक हुआ कि पानी में और भी युवक डूबे हो सकते हैं।
दोस्तों की पहचान कैसे हुई?
पुलिस ने मौके से मिले मोबाइल और जानकारी के आधार पर चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया स्थित एक नर्सिंग कॉलेज में संपर्क किया। कॉलेज से पुष्टि हुई कि नरेंद्र अपने दो दोस्त — नरेंद्र (20) पुत्र सीताराम जाट, निवासी सातलवास, मेड़ता सिटी थाना क्षेत्र, और प्रदीप (22) पुत्र श्रवणराम बिश्नोई, निवासी गुड्डा बिश्नोई, लूणी, जोधपुर, के साथ पिकनिक मनाने आया था। तीनों कॉलेज में द्वितीय वर्ष के छात्र थे और रविवार को बाइक किराए पर लेकर घूमने निकले थे।
दूसरे दिन चला रेस्क्यू, तेज बहाव से शव आए ऊपर
रविवार रात झरने और आसपास के नालों में तलाश के बावजूद बाकी दोनों युवक नहीं मिले। सोमवार सुबह एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया। सुबह 7 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। करीब 11:30 बजे पानी के तेज बहाव के कारण दोनों शव ऊपर आ गए। इसके बाद उन्हें बाहर निकाला गया। पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमॉर्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया।
इलाके में शोक और सुरक्षा सवाल
इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से झरने के पास सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

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