24 News Update जयपुर। राजधानी से करीब 50 किलोमीटर दूर मनोहरपुर क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से आए मजदूरों को ईंट भट्टे पर ले जा रही बस हाईटेंशन बिजली की लाइन से टकरा गई, जिससे बस में करंट फैल गया और आग लग गई। हादसे में तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि दस से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। बस के ऊपर रखे गैस सिलेंडरों और घरेलू सामान में आग लगने के बाद हुए विस्फोटों से स्थिति और भयावह हो गई। चश्मदीदों के मुताबिक, आग लगने के बाद तीन से चार तेज धमाके सुनाई दिए, जिनकी आवाज़ से आसपास के लोग दहशत में आ गए। 65 मजदूरों में से तीन की मौत, पांच की हालत नाजुकजयपुर कलेक्टर जितेंद्र सोनी ने बताया कि बस में कुल 65 मजदूर सवार थे, जिन्हें टोडी स्थित ईंट भट्टे पर काम के लिए लाया जा रहा था। भट्टे से करीब 300 मीटर पहले हादसा हुआ। मृतकों में नसीम (50), सहीनम (20) और एक अन्य की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।गंभीर रूप से झुलसे पांच मजदूरों को जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल रेफर किया गया है, जबकि अन्य का इलाज शाहपुरा सीएचसी में चल रहा है। एसएमएस अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बर्न यूनिट और आपातकालीन चिकित्सा टीमें अलर्ट पर हैं। झुलसे घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। कुछ की जलन 20 प्रतिशत तक बताई जा रही है।बस के ऊपर रखे थे सिलेंडर और मोटरसाइकिलेंप्रशासनिक जांच में सामने आया कि बस की छत पर 5 से अधिक गैस सिलेंडर, दो मोटरसाइकिलें और घरेलू सामान रखा गया था। अधिक वजन और भीड़भाड़ के कारण बस का संतुलन बिगड़ गया। इसी दौरान छत पर रखा सामान हाईटेंशन लाइन से टकरा गया, जिससे बस में करंट फैल गया और आग भड़क उठी। स्थानीयों ने दी मदद, प्रशासन पर सवालआग लगने के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर कई मजदूरों की जान बचाई। फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन को पहले भी इन हाईटेंशन लाइनों को हटाने की मांग की गई थी, लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया। जांच के आदेश, सीएम को भेजी जाएगी रिपोर्टजिला कलेक्टर ने कहा कि घटना की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और मुख्यमंत्री व उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। आरटीओ, एफएसएल और बिजली विभाग की टीम मौके पर जांच में जुटी है। दोषियों पर कार्रवाई की बात कही गई है। 15 दिन में पांचवीं बस में आग की घटनादेशभर में बीते पंद्रह दिनों में बसों में आग लगने की पांच बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं—14 अक्टूबर, जैसलमेर: एसी स्लीपर बस में आग, 27 यात्रियों की मौत।24 अक्टूबर, आंध्र प्रदेश: कुरनूल में बस-बाइक टकराने के बाद आग, 20 मौतें।25 अक्टूबर, एमपी: अशोकनगर में बस जलकर खाक, सौभाग्य से कोई हताहत नहीं।26 अक्टूबर, यूपी: आगरा एक्सप्रेस-वे पर एसी बस में आग, 70 यात्री बाल-बाल बचे।28 अक्टूबर, राजस्थान: मनोहरपुर (जयपुर) में बस में आग, 3 मौतें, 10 झुलसे। मानवता की मिसाल: ग्रामीणों ने बचाई कई जानेंहादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने अपने कपड़ों से जलते मजदूरों को लपेटकर आग बुझाई और बस के शीशे तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी बोले, “अगर ग्रामीण कुछ मिनट देर से पहुंचते, तो मौतों का आंकड़ा कहीं बड़ा होता।” Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जीएसटी बचत उत्सव को टाटा-बाय-बाय, सरस घी फिर महंगा, 30 रुपए लीटर बढ़े दाम लौट के बुद्धु जीएसटी उत्सव को आए : सरस का यू-टर्न, 12 घंटे में फिर घटाए घी के बढ़े हुए दाम