24 News update जयपुर, 10 अप्रैल।
राज्य सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत माइन्स विभाग ने प्रदेशभर में अवैध खनन पर कड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 2 अप्रैल से 9 अप्रैल तक की गई कार्रवाई के दौरान 339 मामलों में हस्तक्षेप, 168 वाहन-मशीनरी जब्त, 43 एफआईआर दर्ज और 26 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इस दौरान 1.97 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया, जिसे राज्य के राजकोष में जमा करा दिया गया है।
भरतपुर जिले में सबसे बड़ी कार्रवाई
भरतपुर जिले की पहाड़ी तहसील के खनन क्षेत्रों में माइन्स विभाग की विशेष टीम ने छपरा, घौलेट और नांगल गांवों की एक दर्जन से अधिक खानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यापक स्तर पर अनियमितताएं सामने आईं, जिसमें रवन्ना के दुरुपयोग, बिना रवन्ना के खनिजों का परिवहन, और गैप एरिया में अवैध खनन जैसे गंभीर मामले पाए गए। इन आधारों पर विभाग ने कुल 180 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है।
जुर्माने की विस्तृत जानकारी:
- छपरा गांव: 3 स्थानों पर अनियमित खनन
- धौलेट गांव: 5 स्थानों पर बिना अनुमति खनन
- नांगल गांव: 6 स्थानों पर गैप एरिया में अवैध खनन
मुख्यमंत्री की सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठकों के दौरान अवैध खनन पर गहरी चिंता जताते हुए निर्देश दिए थे कि इस संबंध में कोई ढील नहीं बरती जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया था कि राज्य में खनन माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्यवाही हो।
खनन निदेशक का बयान
माइन्स विभाग के निदेशक दीपक तंवर ने बताया कि विभाग की विशेष टीम लगातार राज्यभर में कार्रवाई कर रही है और आने वाले दिनों में यह और तेज़ की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खनिज संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

