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राज्य कर विभाग की बड़ी कार्यवाही: 3 महीनों में ₹66 करोड़ की वसूली, कोटा में ₹1500 करोड़ की कर चोरी का भंडाफोड़

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24 News Update जयपुर, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत राजस्थान में कर चोरी करने वालों पर शिकंजा कसता जा रहा है। राज्य कर विभाग की प्रवर्तन शाखा ने बीते तीन महीनों में व्यापक जांच और कार्रवाई करते हुए 66 करोड़ रुपये की कर वसूली की है। इन कार्रवाइयों से टैक्स चोरी में लिप्त व्यापारिक प्रतिष्ठानों, ट्रांसपोर्टरों और औद्योगिक इकाइयों में हड़कंप मचा हुआ है।
तकनीक आधारित प्रवर्तन अभियान
प्रवर्तन कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे मुख्य आयुक्त वाणिज्यिक कर श्री कुमार पाल गौतम ने बताया कि विभाग ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) तकनीकों का उपयोग करते हुए राज्यभर में सघन परिवहन जांच अभियान चलाया। इस दौरान 24 वाहन जब्त किए गए, जिनमें सुपारी, आयरन स्क्रैप, ग्रेनाइट और मार्बल जैसे सामान बिना वैध दस्तावेजों के ले जाए जा रहे थे। इन मामलों में एक करोड़ रुपये का जुर्माना वसूल किया जा चुका है, जबकि 4 करोड़ रुपये की राशि अभी वसूली के प्रक्रियाधीन है। जिन वाहन और माल मालिकों ने अब तक अपना दावा नहीं किया, उनके खिलाफ नीलामी की तैयारी की जा रही है।
सर्वे और तकनीकी साक्ष्य से बड़ी कर वसूली
राज्यभर में व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर की गई सर्वे कार्रवाइयों के माध्यम से विभाग को 50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिला है। सभी कार्रवाइयाँ तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल निगरानी के आधार पर की गईं, जिससे सटीक और सशक्त प्रमाण जुटाए गए।
कोटा में सबसे बड़ी कार्रवाई: ₹1500 करोड़ की कर चोरी उजागर
पिछले माह कोटा में राज्य कर विभाग ने एक पान मसाला निर्माण इकाई पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 1,500 करोड़ रुपये की कर चोरी का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री और एक गुप्त गोदाम से बिना दस्तावेज वाले रॉ मटेरियल और भारी मात्रा में बिना बिल का स्टॉक जब्त किया गया। इस प्रकरण में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी जमानत जिला सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी है। विभाग ने तत्काल प्रभाव से 15 करोड़ रुपये की नकद राशि जमा करवाई है — जो अब तक राज्य की किसी भी प्रवर्तन कार्रवाई में एक बार में जमा की गई सबसे बड़ी राशि मानी जा रही है। राज्य कर विभाग के पास इस केस में 1,500 करोड़ से अधिक की संभावित कर देयता से संबंधित साक्ष्य मौजूद हैं। विभाग द्वारा शीघ्र ही औपचारिक कर निर्धारण कर वसूली प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि, आगे और सख्ती
मुख्य आयुक्त श्री गौतम ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की नीति के अनुरूप आगे भी कर चोरी के मामलों में कड़ाई से निपटा जाएगा, और प्रवर्तन कार्यवाहियाँ और तेज की जाएंगी। इन अभियानों से राज्य के राजस्व संग्रहण में महत्त्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे विकास कार्यों के लिए वित्तीय आधार और अधिक सुदृढ़ हो सकेगा।

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