24 न्यूज अपडेट भीलवाड़ा। सीरियल किलर दीपक नायर, जो वर्तमान में अजमेर की सेंट्रल जेल में बंद है, अब अपनी ही सगी बहन को धमकाने में लगा है। आरोप है कि उसने जेल से कॉल कर बहन को मंदिर संचालन से रोकने और पैसों की मांग करते हुए जान से मारने की धमकी दी है।
पैसे न भेजने पर बच्चों को मारने की धमकी
दीपक की बहन ने सोमवार को भीलवाड़ा एसपी धर्मेंद्र सिंह से मुलाकात कर सुरक्षा की गुहार लगाई। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि दीपक ने रविवार शाम और सोमवार सुबह अजमेर जेल से फोन कर 5 से 10 हजार रुपये की मांग की। उसने धमकाते हुए कहा, “देखता हूं, कैसे मंदिर चलाते हो, बाहर निकलते ही सबको देख लूंगा। तुम्हारे बच्चों को भी नहीं छोड़ूंगा।“
जेल से फोन कैसे संभव? – पीड़िता का सवाल
दीपक की बहन का कहना है कि जेल में बंद एक कैदी कैसे किसी को फोन कर सकता है? उसने कहा, “मेरा उससे कोई संबंध नहीं है, फिर भी मुझे बार-बार कॉल कर पैसों की मांग की जा रही है। मैं पहले ही साफ कर चुकी हूं कि मेरा उससे कोई नाता नहीं है, लेकिन अब वह मेरे बच्चों को मारने की धमकी दे रहा है।“
जेल प्रशासन का जवाब
अजमेर सेंट्रल जेल के अधीक्षक आर. अंतेश्वर ने इस मामले में कहा कि जेल से किसी भी कैदी द्वारा कॉल करना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा, “अगर किसी बंदी ने एसटीडी कॉल के जरिए धमकी दी है, तो इसकी जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।“
पुराने अपराधों की खौफनाक कहानी
22 अप्रैल की रात दीपक ने अयप्पा मंदिर के गार्ड की हत्या की थी। नशे की हालत में पहुंचा दीपक गार्ड से बहस में उलझ गया और गुस्से में धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। गार्ड की हत्या के बाद उसने अपने प्रताप नगर स्थित घर पर अपने दो दोस्तों संदीप भारद्वाज और मोनू टाक की भी बेरहमी से हत्या कर दी थी।
पुलिस की कार्रवाई
दीपक के दोस्तों की हत्या की खबर 24 अप्रैल को सामने आई, जब संदीप का छोटा भाई उसे ढूंढते हुए दीपक के घर पहुंचा। वहां के हॉल में संदीप और मोनू के खून से सने शव मिले। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दीपक को गिरफ्तार कर लिया था।
जांच के बाद अब पुलिस इस बात की भी छानबीन कर रही है कि जेल में रहते हुए दीपक कैसे अपनी बहन को बार-बार कॉल कर रहा है और यह कॉल कैसे की जा रही हैं।
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