24 न्यूज अपडेट, जयपुर। भारतीय रेल पहली बार मराठा साम्राज्य के गौरवशाली इतिहास और उसके महान संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़े प्रमुख स्थलों की यात्रा के लिए विशेष ‘छत्रपति शिवाजी महाराज सर्किट’ पर भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन का संचालन करने जा रही है। यह अनूठा हैरिटेज टूर पर्यटकों को महाराष्ट्र के उन ऐतिहासिक स्थानों का भ्रमण कराएगा, जो शिवाजी महाराज की शौर्य गाथा और उनके जीवन दर्शन को जीवंत करते हैं।
यह विशेष भारत गौरव ट्रेन अपनी यात्रा की शुरुआत छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (ब्ैडज्), मुंबई से करेगी। कोंकण रेलवे नेटवर्क पर अपनी यात्रा प्रारंभ करते हुए, यह ट्रेन मनगांव रेलवे स्टेशन पहुंचेगी, जो रायगढ़ किले का निकटतम रेलवे स्टेशन है। रायगढ़ किला मराठा साम्राज्य की ऐतिहासिक राजधानी रहा है और यहीं छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य राज्याभिषेक संपन्न हुआ था। पर्यटक रायगढ़ किले का भ्रमण करेंगे, जो उस युग की स्थापत्य कला और रणनीतिक महत्व का प्रतीक है। इसके पश्चात, ट्रेन पुणे के लिए रवाना होगी, जहां पर्यटकों के लिए रात्रि भोजन और आरामदायक होटल में रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है।
यात्रा के दूसरे दिन, पर्यटक पुणे शहर के ऐतिहासिक महत्व के स्थलों का दौरा करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से लाल महल शामिल है, जिसका निर्माण 1630 ईस्वी में शाहजी भोंसले ने अपनी पत्नी जीजाबाई और युवा शिवाजी के निवास के लिए करवाया था। वर्तमान में पुनर्निर्मित यह महल छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण तैल चित्रों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित करता है। इसके बाद, पर्यटक कसबा गणपति मंदिर के दर्शन करेंगे, जो पुणे के ग्रामदेवता के रूप में प्रतिष्ठित है और जिसकी स्थापना 1893 में हुई थी। माना जाता है कि इस पवित्र स्थान का चयन स्वयं छत्रपति शिवाजी की माता जीजाबाई ने किया था, और तभी से पुणे को भगवान गणेश की नगरी के रूप में जाना जाता है। पुणे में भ्रमण का अंतिम पड़ाव शिवसृष्टि होगा, जो छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित भारत का सबसे बड़ा और आकर्षक थीम पार्क है। यहां पर्यटक 3डी शो और अन्य इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से शिवाजी महाराज के जीवन दर्शन और उनके पराक्रम को अनुभव कर सकेंगे। पुणे में रात्रि विश्राम के बाद, तीसरे दिन पर्यटक जुन्नार शहर के पास स्थित शिवनेरी किले की यात्रा करेंगे, जो पुणे से लगभग 95 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी पर स्थित है। यह किला छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मस्थली है और मुस्लिम शासन के खिलाफ मराठा गौरव के अटूट प्रतीक के रूप में खड़ा है। इसी दिन दोपहर के भोजन के बाद, पर्यटक बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर के दर्शन कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करेंगे। दिनभर के भ्रमण के बाद, पर्यटक रात्रि विश्राम के लिए वापस पुणे लौट आएंगे।
‘छत्रपति शिवाजी महाराज सर्किट टूर’ के लिए बहुप्रतीक्षित भारत गौरव ट्रेन 09 जून 2025 को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस स्टेशन से अपनी 5 रात और 6 दिन की यादगार यात्रा शुरू करेगी। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह एसी टूरिस्ट ट्रेन स्लीपर, सेकेंड एसी और थर्ड एसी कोचों के साथ कुल 748 पर्यटकों को समायोजित करने की क्षमता रखती है। मुंबई के यात्री दादर और ठाणे रेलवे स्टेशनों से भी इस टूरिस्ट ट्रेन में सवार हो सकते हैं। इस अनमोल विरासत यात्रा के टिकट आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर “पहले आओ-पहले पाओ“ के आधार पर ऑनलाइन बुकिंग के लिए उपलब्ध हैं।
चौथे दिन, पर्यटक भारत गौरव ट्रेन के साथ ऐतिहासिक सतारा शहर के लिए प्रस्थान करेंगे और वहां प्रतापगढ़ किले का भ्रमण करेंगे। यह वही ऐतिहासिक किला है, जिसने 1659 में अफ़ज़ल खान और छत्रपति शिवाजी महाराज के बीच हुए निर्णायक युद्ध को देखा था, जिसने मराठा साम्राज्य की नींव को और मजबूत किया। दिन में स्वादिष्ट भोजन के बाद, ट्रेन अपने अंतिम गंतव्य, कोल्हापुर की ओर रवाना होगी।
पांचवें दिन की सुबह, ट्रेन कोल्हापुर के छत्रपति शाहू जी महाराज टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी। यहां होटल में आरामदायक नाश्ते और तरोताजा होने के बाद, पर्यटक सबसे पहले प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर (अंबाबाई) के दर्शन करेंगे, जो महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण शक्तिपीठों में से एक है। इसके बाद, वे पन्हाला किले की यात्रा करेंगे, जो सह्याद्री पर्वत श्रृंखला पर स्थित है और जिसने कई ऐतिहासिक लड़ाइयों को अपनी आंखों से देखा है। यह वही किला है जहां छत्रपति शिवाजी महाराज लगभग 500 दिनों तक रुके थे और फिर कुशलतापूर्वक दुश्मनों के घेरे से निकल भागने में सफल रहे थे। पन्हाला किला अपनी साँप जैसी घुमावदार संरचना के कारण ‘फोर्ट ऑफ स्नेक्स’ के नाम से भी जाना जाता है। यह किला न केवल शिवाजी महाराज बल्कि उनके पुत्र संभाजी महाराज के जीवन से भी गहरा संबंध रखता है। यह स्थल शिवाजी महाराज के वीर कमांडर बाजी प्रभु देशपांडे की अद्वितीय वीरता और बलिदान के लिए भी चिरकाल तक याद किया जाएगा। कोल्हापुर में ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करने के बाद, देर शाम को ट्रेन मुंबई के लिए अपनी वापसी यात्रा शुरू करेगी और छठे दिन की सुबह पर्यटकों को लेकर वापस मुंबई पहुंचेगी।
इस विशेष विरासत यात्रा का आयोजन भारतीय रेल के टूरिज्म एंड कैटरिंग कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) द्वारा किया जा रहा है। इस पैकेज में पर्यटकों के लिए आरामदायक होटल में रात्रि विश्राम, स्वादिष्ट शाकाहारी भोजन, बसों के माध्यम से सभी दर्शनीय स्थलों का सुविधाजनक भ्रमण, यात्रा बीमा और अनुभवी टूर एस्कॉर्ट की सेवाएं शामिल हैं, ताकि पर्यटक बिना किसी चिंता के इस ऐतिहासिक यात्रा का आनंद ले सकें।

