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इंस्टेंट लोन ऐप्स के जाल से सावधान: साइबर ठग बना रहे आमजन को निशाना

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24 News Update जयपुर, 29 अप्रैल। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, एसएमएस और मोबाइल ऐप्स के जरिए फैल रहे “Instant Loan” और तथाकथित “Chinese Loan App” फ्रॉड से सतर्क रहने की एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी कम समय में बिना केवाईसी और बिना दस्तावेज़ के तुरंत लोन देने का झांसा देकर लोगों की निजी और वित्तीय जानकारी चुराकर आर्थिक व मानसिक शोषण कर रहे हैं।
एडवाइजरी में बताया गया है कि वर्तमान समय में साइबर ठग सोशल मीडिया विज्ञापनों, एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज और मोबाइल ऐप्स के जरिए लोगों को “कम ब्याज”, “बिना डॉक्यूमेंट” और “5 मिनट में अकाउंट में पैसा” जैसे आकर्षक ऑफर देकर फंसाते हैं।
जैसे ही व्यक्ति ऐसे ऐप डाउनलोड करता है, ऐप उससे कॉन्टैक्ट लिस्ट, एसएमएस, गैलरी, माइक्रोफोन और लोकेशन जैसी कई संवेदनशील परमिशन मांगता है। अनजाने में अनुमति देने के बाद व्यक्ति के मोबाइल का पूरा डेटा अपराधियों के सर्वर तक पहुंच सकता है। यहां तक कि ऐप हटाने के बाद भी उसका डेटा उनके पास सुरक्षित रहता है।
ऐसे ऐप्स आमतौर पर सिबिल स्कोर या बैंकिंग प्रक्रिया की जांच नहीं करते। वे केवल यह देखते हैं कि मोबाइल में कितने संपर्क नंबर और कितनी निजी जानकारी मौजूद है, ताकि बाद में व्यक्ति पर दबाव बनाया जा सके।
शुरुआत में 3,000 से 5,000 रुपये तक की छोटी राशि देकर कुछ ही दिनों में मोटा ब्याज जोड़कर 8,000 रुपये या उससे अधिक वसूला जाता है। भुगतान न करने पर अपराधी पीड़ित की निजी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें अश्लील रूप में बदलकर परिवार और दोस्तों को भेजने की धमकी देते हैं। कई मामलों में रिश्तेदारों और ऑफिस के लोगों को कॉल कर बदनाम करने का भी प्रयास किया जाता है, जिससे पीड़ित मानसिक तनाव में आ सकता है।

सुरक्षित रहने के गोल्डन रूल्स
■ ​RBI की जांच: केवल उन्हीं ऐप्स से लोन लें जो RBI द्वारा रजिस्टर्ड NBFC या बैंकों से अधिकृत हों।
■ ​परमिशन पर नजर: यदि कोई लोन ऐप आपकी “Photos” या “Contact List” का एक्सेस मांगता है, तो समझ लें कि वह फर्जी है। लोन के लिए इन जानकारियों की आवश्यकता नहीं होती।
■ ​रिव्यूज की जांच: ऐप डाउनलोड करने से पहले ‘Critical Reviews’ जरूर पढ़ें। रेटिंग्स पर भरोसा न करें, वे अक्सर खरीदी हुई (Fake) होती हैं।
■ ​एडवांस पेमेंट से बचें: कोई भी असली बैंक लोन अप्रूवल से पहले ‘प्रोसेसिंग फीस’ के नाम पर पैसे नहीं मांगता।
​ यदि आप या आपका कोई परिचित ऐसी किसी ठगी का शिकार होता है, तो घबराएं नहीं। तुरंत ​साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, ​साइबर हेल्पडेस्क 9256001930/ 9257510100, ​ऑनलाइन पोर्टल http://www.cybercrime.gov.in औऱ अपने पास के पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन में सूचना दें।

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