24 News Update जयपुर। राजस्थान की राजनीति में इन दिनों कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल के बीच खुली जंग छिड़ गई है। दोनों नेताओं के बीच शब्दों के तीर इस कदर चले कि पुराने राजनीतिक रिश्ते, निजी घटनाएं और करोड़ों रुपए के लेन-देन तक सार्वजनिक कर दिए गए। शहीद स्मारक, जयपुर पर गुरुवार रात धरना समाप्ति के मौके पर सांसद हनुमान बेनीवाल ने दावा किया कि वर्ष 2013 में किरोड़ी लाल मीणा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से 200 करोड़ रुपए लिए थे। उसी धन से उन्होंने चुनावी दौर में हेलिकॉप्टर उड़ाए।
बेनीवाल बोले— “ब्लैकमेल करना ही किरोड़ी लाल मीणा का धंधा है। वह समझौतों और सौदों के जरिए अपना राजनीतिक हित साधते हैं।”
SI भर्ती परीक्षा पर सरकार और अफसरों को घेरा
बेनीवाल ने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 रद्द होने के मामले पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कुछ मंत्री और “शौकीन मिजाज अधिकारी” परीक्षा रद्द नहीं कराना चाहते थे।
“इन अधिकारियों ने अपनी महिला मित्रों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री को गलत फीडबैक दिया। इसी कारण सरकार की तरफ से परीक्षा रद्द नहीं हुई और अंततः हाई कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा।”
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री अक्षम साबित हुए हैं, वह कुछ नहीं कर सकते। क्रेडिट हाई कोर्ट को ही गया।”
“विधानसभा में अकेले जाने से डरते थे किरोड़ी”
बेनीवाल ने अपने पुराने रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा— “किरोड़ी लाल मीणा मुझसे उम्र में 20-25 साल बड़े हैं और मेरे पिता के साथी रहे हैं। लेकिन विधानसभा में अकेले जाने से डरते थे। उन्हें लगता था कि कोई हमला न कर दे, इसलिए मुझे हमेशा साथ रखते थे।” “दौसा रेलवे स्टेशन पर अगर मैं नहीं होता, तो उन्हें डंडे खाने पड़ते। मैंने उनके लिए मार खाई और वह दुबक गए थे।”
“नई पार्टी बनाने का दावा, लेकिन आदिवासियों के साथ धोखा”
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि गोगुंदा में मीणा ने नई पार्टी बनाने का नाटक किया था, लेकिन हकीकत में यह सगमा जी की पार्टी निकली। “सुबह 5 बजे वह मुझे मनाने घर आए और बोले कि सौदा तय हो गया है। असल में उन्होंने जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम किया। राजस्थान में नई पार्टी तो 66 साल बाद मैंने ही बनाई है।”
किसान आंदोलन और पहलवान बेटियों पर भी तंज
बेनीवाल ने याद दिलाया कि किसान आंदोलन के समय किरोड़ी लाल मीणा ने बॉर्डर पर बैठे किसानों को ‘आतंकवादी’ बताया था और किसान कानूनों की वकालत की थी। इसी तरह पहलवान बेटियों के आंदोलन पर भी गलत बयान दिए।
“मैं किसानों और बेटियों के हक में लड़ा, जबकि मीणा उल्टे बयान देकर सरकार की हां-में-हां मिलाते रहे।”
करोड़ों के सौदेबाजी के आरोप
बेनीवाल ने मीणा पर कई मामलों में रकम लेने के आरोप भी लगाए— DOIT प्रकरण : सोने के बिस्किट मिलने पर 5 करोड़ रुपए लेने का आरोप। हवामहल मामला : युवक की मौत पर 2 करोड़ रुपए का सौदा, जिसमें 50 लाख परिवार को और 1.5 करोड़ खुद रखे। पेपर लीक : आरोप कि मीणा को लोगों से सूचना मिलती थी और वह खुद को विद्वान दिखाते थे। “मीणा अपने ही भाई को हरवा चुके हैं” बेनीवाल ने कहा कि किरोड़ी लाल मीणा अपने ही भाई को टिकट दिलाकर चुनाव हरवा चुके हैं और अब मुख्यमंत्री के साथ हेलिकॉप्टर में घूम रहे हैं। “इनकी बातों पर कोई भरोसा नहीं कर सकता। यह सिर्फ पॉपुलैरिटी के लिए मुद्दों में कूदते हैं।”
“सबूत पेश करूं तो अंतिम सांस लेंगे”
सांसद ने चेतावनी भरे लहजे में कहा— “किरोड़ी लाल मीणा के खिलाफ मेरे पास इतने सबूत हैं कि अगर मैं सब सार्वजनिक कर दूं तो वह उसी वक्त अंतिम सांस ले लेंगे। वह फ्रस्ट्रेशन में आकर सारी मर्यादाएं तोड़ चुके हैं।”

