माकपा उदयपुर की विस्तारित बैठक में संगठन, आंदोलन और आगामी चुनावों को लेकर लिए गए अहम फैसले
उदयपुर | 4 जनवरी
“कम्युनिस्ट पार्टी का फॉर्म भर देने मात्र से कोई कम्युनिस्ट नहीं बन जाता। कम्युनिस्ट बनना एक बेहतर इंसान बनने की निरंतर और अनुशासित प्रक्रिया है।”
यह विचार माकपा राज्य सचिव मंडल के सदस्य एवं उदयपुर प्रभारी दुलीचंद मीणा ने रविवार को माछला मंगरा स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित माकपा जिला कमेटी, उदयपुर की विस्तारित बैठक में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि पार्टी सदस्यों की संख्या भले ही कम हो, लेकिन कम्युनिस्ट गुणवत्ता, ईमानदारी और वैचारिक प्रतिबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संगठन निर्माण के साथ-साथ जन मुद्दों पर संघर्ष को मजबूत करें।
✊ मजदूर-किसान के राज के लिए ईमानदार और अनुशासित संगठन जरूरी
दुलीचंद मीणा ने कहा कि देश में मजदूर-किसान का राज स्थापित करना माकपा का लक्ष्य है, जिसके लिए
- पूरी ईमानदारी
- निरंतर मेहनत
- अनुशासन
- वैचारिक चेतना
- जनता के बीच सक्रिय उपस्थिति
के साथ संगठन को मजबूत करना होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि माकपा एक क्रांतिकारी पार्टी है, जहां हर वर्ष मार्च तक पार्टी सदस्यता का नवीनीकरण और नए सदस्यों की भर्ती की जाती है। पार्टी सदस्य बनने के लिए केवल नामांकन नहीं, बल्कि
- पार्टी बैठकों व आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी
- पार्टी संविधान व कार्यक्रम की स्वीकृति
- किसी जन संगठन में कार्य
- वैचारिक साहित्य का अध्ययन
- जनता का विश्वास अर्जित करना
- और अपनी आय का एक हिस्सा पार्टी लेवी के रूप में देना
अनिवार्य शर्तें हैं।
🚩 “आज जनता लाल झंडे को उम्मीद से देख रही है”
मीणा ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात में देश की जनता लाल झंडे की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। ऐसे में माकपा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे जनता की उम्मीदों पर खरे उतरते हुए जन समस्याओं पर संघर्ष तेज करें और विकल्प के रूप में वामपंथ को मजबूत करें।
📊 2025 की गतिविधियों की समीक्षा, कमजोरियों पर खुली चर्चा
बैठक में माकपा जिला सचिव राजेश सिंघवी ने वर्ष 2025 के दौरान पार्टी और जन संगठनों द्वारा किए गए आंदोलनों और गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
उन्होंने संगठन की उपलब्धियों के साथ-साथ कमजोरियों को भी रेखांकित करते हुए उन्हें दूर करने की आवश्यकता बताई।
🔥 मनरेगा, श्रम कानून और अल्पसंख्यकों पर हमलों के खिलाफ संघर्ष का ऐलान
बैठक में सर्वसम्मति से निम्न मुद्दों पर संघर्ष तेज करने के निर्णय लिए गए—
- मनरेगा और श्रम कानूनों में किए गए बदलावों का विरोध
- अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों के खिलाफ आंदोलन
- सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ अभियान
- स्थानीय जन मुद्दों पर संघर्ष
- दलित, आदिवासी, महिलाओं और पिछड़े वर्गों में पार्टी व जन संगठनों को मजबूत करना
इसके साथ ही अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए हमले और वहां के राष्ट्रपति व उनकी पत्नी को हिरासत में लेने की कड़ी निंदा करते हुए इसे अमेरिकी साम्राज्यवाद की तानाशाही की पराकाष्ठा बताया गया।
🗳️ आगामी निकाय व पंचायत चुनावों पर भी फोकस
बैठक में आने वाले स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में भाजपा को हराने तथा माकपा व वामपंथ को मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय भी लिया गया।
👥 वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी, खुलकर रखे गए विचार
बैठक की अध्यक्षता माकपा के वरिष्ठ नेता दल्लाराम ने की।
इस दौरान राज्य कमेटी सदस्य विमल भगोरा, प्रभुलाल भगोरा, सहित
जगदीश पारगी, गुमान सिंह राव, प्रेम पारगी, हाकरचंद खराड़ी, गणपति देवी सालवी, हीरालाल सालवी, किशन लाल पारगी, प्रताप सिंह देवड़ा, शंकर लाल पारगी, केसर सिंह, राजेंद्र वसीटा, अमजद शेख, कैलाश चंद्र बोदर, फिरोज अहमद, बाबू कोविया, देवाराम, लक्ष्मण पारगी सहित अनेक नेताओं व कार्यकर्ताओं ने अपने विचार रखे।

