382 बैंक खातों की जांच, 67 के खिलाफ इंसदादी कार्रवाई; आमजन से बैंक खाते किराये पर न देने की अपील
जयपुर 01 मई। साइबर अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान म्यूल हंटर के तहत बारां पुलिस ने व्यापक और प्रभावी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों और फर्जी वित्तीय लेन-देन के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान जिले में कुल 03 प्रकरण दर्ज कर 07 साइबर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
अभियान के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 02 मोबाइल फोन और 02 सिम कार्ड जब्त किए गए। इसके साथ ही जिलेभर में कुल 67 व्यक्तियों के विरुद्ध इंसदादी कार्रवाई की गई तथा 175 संदिग्ध व्यक्तियों से गहन पूछताछ कर उनके बैंक खातों और गतिविधियों का सत्यापन किया गया।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी के निर्देशन में जिले के समस्त थानाधिकारियों ने साइबर अपराधों में प्रयुक्त संदिग्ध बैंक खातों (म्यूल अकाउंट), फर्जी लेन-देन और साइबर अपराध हॉटस्पॉट्स की पहचान कर तकनीकी आधार पर सुनियोजित कार्रवाई की।
अभियान के तहत थाना कोतवाली बारां, थाना अन्ता और थाना छबड़ा में एक-एक प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस टीमों ने बैंक खातों के विश्लेषण और संदिग्ध ट्रांजेक्शनों की जांच के दौरान कुल 382 बैंक खातों की जांच की। कई संदिग्ध खातों को चिन्हित कर संबंधित बैंकों को कार्रवाई के लिए सूचित किया गया, जिससे संभावित साइबर धोखाधड़ी को रोका जा सका।
क्या है म्यूल अकाउंट का खेल?
एसपी ने बताया कि साइबर अपराधी आमजन को लालच, कमीशन या झूठे प्रलोभन देकर उनके बैंक खाते इस्तेमाल करते हैं। इन खातों के जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ट्रेसिंग मुश्किल बना दी जाती है। ऐसे मामलों में खाता उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति भी कानूनन दोषी माना जाता है।
इस अभियान में गिरफ्तार आरोपियों में अन्ता हाल उद्योग नगर कोटा निवासी रितेश मीना, उद्योग नगर कोटा निवासी बिट्टू कहार, अन्ता निवासी अमन सुमन, अन्ता हाल नयापुरा कोटा निवासी लक्की शाक्यवाल, नयापुरा कोटा निवासी भूपेन्द्र पहाड़िया उर्फ अक्षय, नयापुरा निवासी आशिष मेहरा और खानपुर झालावाड़ निवासी हर्षित मेहर शामिल हैं।
बारां पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक या ओटीपी किसी को उपलब्ध न कराएं और न ही किसी लालच में अपना खाता किराये या कमीशन पर दें।
किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।

