24 न्यूज अपडेट, बेंगलुरू। बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में 4 जून को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की विक्ट्री परेड से पहले मची भगदड़ में 13 वर्षीय एक लड़की सहित 11 लोगों की मौत और 33 अन्य घायल हो गए थे। इस भीषण हादसे के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है और सरकार ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को अपने राजनीतिक सचिव के. गोविंदराज को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। इसके साथ ही सूचना विभाग के प्रमुख हेमंत निंबालकर का तबादला भी कर दिया गया है। इससे पहले गुरुवार को सीएम ने बेंगलुरु के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर बी. दयानंद सहित 8 अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में एसीपी, डीसीपी, सर्किल इंस्पेक्टर, स्टेशन हाउस मास्टर और SHO जैसे पुलिसकर्मी शामिल हैं। अब सीमंत कुमार सिंह को नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है।
दूसरी ओर, कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के अधिकारियों की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। KSCA ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए याचिका दायर की थी। जस्टिस कृष्ण कुमार की एकल पीठ ने अगली सुनवाई 16 जून तक स्थगित करते हुए तब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है।
भगदड़ के मामले में कर्नाटक सरकार ने KSCA, RCB और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी DNA एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। पुलिस के अनुसार KSCA के सचिव शंकर और कोषाध्यक्ष जयराम फरार हैं। वहीं, RCB के सीनियर मार्केटिंग हेड निखिल सोसाले को दुबई रवाना होते समय एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया। उन्होंने गिरफ्तारी को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इसके अलावा, DNA कंपनी के तीन अधिकारी किरण, सुमंथ और सुनील मैथ्यू भी गिरफ्तार किए गए हैं। इस घटना की जांच के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश माइकल डी’कुन्हा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया है, जिसे 30 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। इसके अलावा, मामले की जांच अब CID को सौंपी गई है और एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन भी किया गया है। RCB के अधिकारी निखिल सोसाले पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर सेरेमनी और विक्ट्री परेड के फ्री पास की जानकारी साझा की, जिससे भारी संख्या में लोग स्टेडियम के बाहर उमड़ पड़े। लाखों की संख्या में लोग खिलाड़ियों को देखने पहुंचे थे, जिससे नियंत्रण से बाहर भीड़ ने भगदड़ का रूप ले लिया। सरकारी रिपोर्ट में हादसे के पांच प्रमुख कारण बताए गए हैं। सबसे ज्यादा मौतें गेट नंबर 15 और 20 पर भीड़ की बेकाबू स्थिति के कारण हुईं। स्टेडियम में मेडिकल सुविधाएं और पुलिस बल मौजूद नहीं था। मोबाइल जैमर लगे होने से लोग संपर्क नहीं कर पाए और ट्रैफिक के कारण एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच सकी। बुधवार को बेंगलुरु मेट्रो में रिकॉर्ड 9.6 लाख यात्रियों ने सफर किया, जिससे स्टेशन बंद करने पड़े और भीड़ और ज्यादा बेकाबू हो गई। वहीं, पुलिस पास के एक सरकारी कार्यक्रम में वीवीआईपी ड्यूटी में व्यस्त थी, जिससे स्टेडियम के पास नियंत्रण नहीं हो पाया।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने अगली सुनवाई 10 जून तय की है। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में सवाल उठाया कि RCB के उन खिलाड़ियों को सम्मानित करने की जरूरत क्यों पड़ी जो देश के लिए नहीं खेलते। यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों ही मोर्चों पर गरमा गया है। पूरे राज्य की नजरें अब जांच आयोग की रिपोर्ट और हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
बेंगलुरु भगदड़ मामलाः हाईकोर्ट से क्रिकेट एसोसिएशन को राहत

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