नई दिल्ली/उदयपुर डेस्क। दांता ग्रुप के चेयरमैन और वेदांता समूह के संस्थापक अनिल अग्रवाल के जीवन का सबसे अंधकारमय दिन अब एक ऐतिहासिक संकल्प में बदल गया है। उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल (49) के असमय निधन ने उन्हें तोड़ दिया, लेकिन उसी टूटन के बीच उन्होंने ऐसा फैसला लिया, जो देश के कॉरपोरेट और सामाजिक इतिहास में मिसाल बन सकता है-👉 अपनी निजी कमाई का 75 प्रतिशत हिस्सा समाज को दान करने का संकल्प। स्कीइंग हादसे से कार्डियक अरेस्ट तक अमेरिका में टूटी उम्मीद अग्निवेश अग्रवाल अमेरिका में स्कीइंग के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित माउंट सिनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार को उम्मीद थी कि संकट टल गया है, लेकिन 7 जनवरी 2026 को अस्पताल में ही उन्हें कार्डियक अरेस्ट आ गया। रात करीब 10 बजे अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा—“हमें लगा था कि बुरा वक्त बीत चुका है, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।”उन्होंने इस दिन को अपने जीवन का सबसे अंधकारमय दिन बताया। शोक नहीं, संकल्प: 75% संपत्ति समाज के नाम बेटे से किया वादा निभाया अपने बेटे को याद करते हुए अनिल अग्रवाल ने ऐलान किया कि वे अपनी निजी कमाई का 75 प्रतिशत हिस्सा दान करेंगे। यह दान शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक उत्थान और मानवीय मूल्यों के लिए समर्पित होगा। यह फैसला उस बेटे की सोच का विस्तार है, जिसे अनिल अग्रवाल ने👉 एक खिलाड़ी👉 एक संगीतकार👉 और दयालु स्वभाव वाला लीडर बताया। यहां शोक रुकता नहीं, सेवा में बदल जाता है। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश “झकझोर देने वाला नुकसान” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनिल अग्रवाल के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा—“अग्निवेश अग्रवाल का अचानक चले जाना बेहद झकझोर देने वाला है। आपके शब्दों से आपके दुख की गहराई झलकती है। ईश्वर आपको और आपके परिवार को इस कठिन समय में शक्ति दे। ओम शांति।” पटना में जन्म, देश–दुनिया में पहचान परिवार, शिक्षा और संबंध जन्म: 3 जून 1976, पटना प्रारंभिक शिक्षा: मेयो कॉलेज, अजमेर विवाह: पूजा बांगर (श्री सीमेंट एमडी हरि मोहन बांगर की बेटी) बहन: प्रिया अग्रवाल हेब्बर चेयरपर्सन, हिंदुस्तान जिंक नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, वेदांता कॉरपोरेट दुनिया में अग्निवेश की छाप मॉडर्न मैनेजमेंट का चेहरा अग्निवेश अग्रवाल सिर्फ उद्योगपति के बेटे नहीं थे, बल्कि खुद एक विजनरी लीडर थे— वेदांता की तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड में सदस्य 2019 तक हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के चेयरमैन माइनिंग सेक्टर में मॉडर्न टेक्नोलॉजी लागू कर इंटरनेशनल बेंचमार्क स्थापित किया यूएई में फुजैराह गोल्ड रिफाइनरी की स्थापना में निर्णायक भूमिका वे कई बड़ी कंपनियों के डायरेक्टर भी रहे और विशेष रूप से हेल्थकेयर सेक्टर में निवेश को लेकर सक्रिय थे। अरबों की विरासत, लेकिन सोच उससे बड़ी दान को बनाया असली उत्तराधिकार अनिल अग्रवाल की कुल संपत्ति करीब 3 बिलियन डॉलर (27 हजार करोड़ रुपए) आंकी जाती है। अग्निवेश इसी विशाल साम्राज्य के उत्तराधिकारी माने जाते थे।लेकिन अब, उस विरासत का असली स्वरूप बदल गया है— 👉 संपत्ति नहीं, संवेदना👉 उत्तराधिकार नहीं, उत्तरदायित्व 75% दान का संकल्प यह स्पष्ट करता है कि अग्निवेश अग्रवाल का जाना अंत नहीं, बल्कि एक नई सामाजिक विरासत की शुरुआत है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने यूथ वनडे में तोड़ा विश्व रिकॉर्ड, UAE के खिलाफ 14 सिक्स से मचाया धमाल थाईलैंड में भीषण रेल हादसा: निर्माणाधीन पुल की क्रेन यात्री ट्रेन पर गिरी, दर्जनों की मौत