24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। नई रामपुरा से घाटा वाली माताजी, देबारी पदयात्रा पर जा रहे भक्तों के डीजे वाहन जिसमें धार्मिक भजन बज रहे थे, उसे अंबामाता थाना अधिकारियों की ओर से जब्त करने पर लोगों का आज आक्रोष फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने पहले अंबामाता थाने व बाद में कलेक्ट्री पहुंच कर विरोध जताया। संगठनों की विज्ञप्ति में बताया गया कि सनातन भक्तों और पदयात्रियों ने नम्रतापूर्वक निवेदन किया, किंतु थाना अधिकारियों ने वाहन और सामान नहीं छोड़ा। नवरात्रि पर्व के दौरान इस प्रकार की कार्रवाई से हिंदू समाज में गहरा आक्रोश फैल गया। इस प्रकरण को लेकर विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाजजन अंबामाता थाने पहुंचे और अधिकारियों से जवाब मांगा। परंतु संतोषजनक उत्तर न मिलने पर सभी प्रतिनिधि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे। अधिकारियों ने समाजजनों की पूरी बात सुनी और आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले की विभागीय जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पुलिस प्रशासन द्वारा हर संभव सहयोग का भरोसा दिया गया।
विश्व हिंदू परिषद और विभिन्न हिंदू समाज प्रतिनिधियों ने मांग की है कि इस कार्यवाही में शामिल थाना अधिकारी व स्टाफ के खिलाफ जल्द से जल्द कठोर कार्रवाई हो तथा भविष्य में धार्मिक आस्थाओं पर इस प्रकार का कुठाराघात न हो।
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद से प्रांत कोषाध्यक्ष सुखलाल लोहार, विभाग सह मंत्री अशोक प्रजापत, विभाग संयोजक ललित लोहार, महानगर अध्यक्ष सुशील मूंदड़ा, महानगर मंत्री आकाश सोनी, महानगर संयोजक अजय सालवी, धर्मयात्रा प्रमुख सुशील जांगिड़, सत्संग प्रमुख लोकेश सेन, सामाजिक समरसता प्रमुख अविनाश कुमावत सहित अनेक कार्यकर्ता, अधिवक्ता संजय, अधिवक्ता महेंद्र ओझा और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

