24 News Update उदयपुर, 23 अप्रैल। भूपाल नोबल्स विद्या प्राचीरिणी सभा में हाल ही में मेवाड़ राजपरिवार के महाराणा विश्वराज सिंह मेवाड़ के संदर्भ में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर समाज में आक्रोश फूट पड़ा है। इस मामले में प्रबंधक समिति की ओर से लगाए गए ताले तथा भैरूसिंह निम्बाहेड़ा और सुरेन्द्रसिंह आगरिया की टिप्पणियों के विरोध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया कि कार्यक्रम के दौरान कुछ व्यक्तियों द्वारा मेवाड़ की परंपरा और गौरव के प्रतीक महाराणा के प्रति अभद्र एवं आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक गरिमा के विपरीत बताते हुए कड़ा विरोध जताया गया।
आरोप लगाया गया कि भूपाल नोबल्स विद्या प्राचीरिणी सभा का संचालन कुछ लोगों द्वारा मनमाने तरीके से किया जा रहा है, जो नियमों के अनुरूप नहीं है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि इस प्रकार की बयानबाजी समाज में वैमनस्य और असंतोष को जन्म देती है, जो कानून-व्यवस्था के लिए भी उचित नहीं है।
प्रतिनिधियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि दो-तीन दिनों में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो समाज स्वयं कदम उठाने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन देने वालों में हरिसिंह कुंडाल देवड़ा (अध्यक्ष, देवड़ा नोबल्स सोसायटी), शिवदानसिंह कोटड़ा, दूल्हेसिंह देबारी, तखतसिंह देबारी, उदयसिंह देबारी, सुमेरसिंह कलड़वास, अनोपसिंह मुणवास, किशनसिंह मुणवास, हरिसिंह लियों का गुड़ा, प्रेमसिंह तितरड़ी, राजेंद्रसिंह तितरड़ी, चंदनसिंह देवड़ा देबारी, रामसिंह सविना, दूल्हेसिंह सविना, किशनसिंह सविना, किशनसिंह कुंडाल, भंवरसिंह कोटड़ा, प्रेमसिंह देबारी एवं भरतभानूसिंह डबोक सहित अन्य समाजजन मौजूद रहे।
देवड़ा नोबल्स सोसायटी, आशापुरा नगर (अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा एवं मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान का स्वतंत्र अंग) के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी निष्ठा सदैव मेवाड़ के महाराणा के प्रति रही है और रहेगी। उन्होंने इस घटना को अस्वीकार्य बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

