24 News Update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। नगर पालिका की राजनीति में गजब की हलचल देखने को मिल रही है। दो दिन पूर्व उच्च न्यायालय जोधपुर ने पूर्व पालिका अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया के निलंबन पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए स्टे दिया। इसके बाद बुधवार को पूर्व पालिका अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया पुनः नगर पालिका अध्यक्ष पद पर काबिज हो गए, वहीं वर्तमान पालिका अध्यक्ष आशीष गांधी भी अपने पद पर आसीन हैं।
राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया को निलंबित किया गया था तथा कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए आशीष गांधी को राज्य सरकार ने नगर पालिका अध्यक्ष मनोनीत किया था।
पूर्व पालिका अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया ने अपने निलंबन के खिलाफ उच्च न्यायालय जोधपुर में अपील की थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दो दिन पूर्व आरोपों को निराधार बताते हुए स्टे दिया। इसके बाद मकर संक्रांति पर्व पर 14 जनवरी को प्रातः पार्षद भरत जोशी, फारूख लखारा, पूर्व नपा उपाध्यक्ष मोहम्मद इस्माइल घांची, सुमन गुप्ता, पूर्व पार्षद हरीश भट्ट, कांग्रेस पदाधिकारी, नगर मंडल अध्यक्ष ललित पंचाल, कांग्रेस विधानसभा प्रत्याशी कैलाश रोत, बदामीलाल खोड़निया, लोकेश पाठक, दिनेश गुप्ता सहित कार्यकर्ताओं के साथ पालिका भवन पहुंचे और अध्यक्ष पद पर आसीन हो गए।
खोड़निया ने इसे सत्य की जीत बताया और कहा कि शेष कार्यकाल में नगर विकास में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। उन्होंने निदेशक एवं विशिष्ट सचिव स्वायत्त शासन विभाग को पत्र लिखकर उच्च न्यायालय के 12 जनवरी 2026 के आदेश की पालना में 14 जनवरी को प्रातः 10.15 बजे पदभार ग्रहण करने की सूचना दी।
वहीं वर्तमान पालिका अध्यक्ष आशीष गांधी भी अपने पद पर बने हुए हैं। नगर पालिका से प्राप्त जानकारी के अनुसार खोड़निया ने ऑफिशियल रूप से पदभार ग्रहण नहीं किया है, केवल कोर्ट आदेश के आधार पर बैठने की रिपोर्ट दी गई है, जिसे विभाग को रिकमेंड के लिए भेजा गया है। भाजपा अध्यक्ष आशीष गांधी ने इसे मनमर्जी बताते हुए कहा कि सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं आया है। आयुक्त मोहम्मद सोहिल शेख ने बताया कि कोर्ट आदेश की प्रति सरकार को मार्गदर्शन हेतु भेजी गई है। निर्देशों के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
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