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अलवर पुलिस ने सुलझाई हत्या की गुत्थी, 3 आरोपी गिरफ्तार

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24 News Update जयपुर। अलवर जिले की थाना खेरली पुलिस ने सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 7 जून 2025 की रात का है, जब एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
एसपी संजीव नैन ने बताया कि 8 जून को मृतक वीरू जाटव के भाई ने थाना खेरली में शिकायत दर्ज कराई कि उसका भाई अपने पुराने मकान से 7 जून की रात करीब 10 बजे अपनी पत्नी के साथ स्वस्थ हालत में अपने दूसरे घर गया था। अगली सुबह 8 जून को 4:20 बजे उसकी पत्नी ने फोन कर बताया कि पति वीरू की तबीयत खराब हो गई है।
जब हम उसे खेरली के सरकारी अस्पताल ले गये, तो उसके मुंह, नाक और गर्दन पर चोट के निशान थे तथा मुंह और नाक से खून निकल रहा था और दांत भी टूटे हुए थे। डॉक्टरों ने उसके भाई को मृत घोषित कर दिया। मृतक के भाई ने आशंका जताई कि उसके साथ मारपीट कर हत्या की गई है।
एसपी नैन ने बताया कि ब्लाइंड मर्डर के खुलासे के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. प्रियंका और वृत्ताधिकारी कठूमर कैलाश चंद के कुशल पर्यवेक्षण में गठित टीम ने करीब 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर इस जघन्य अपराध का पर्दाफाश किया।

2 लाख की सुपारी देकर ऐसे रची गई साजिश
पुलिस की गहन जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी के पिछले चार साल से काशीराम उर्फ काशी नाम के व्यक्ति से अवैध संबंध थे। पत्नी और प्रेमी एक साथ रहना चाहते थे, जिसके चलते उन्होंने मृतक को रास्ते से हटाने की खौफनाक योजना बनाई। इस योजना को अंजाम देने के लिए उन्होंने 02 लाख रुपये की सुपारी देकर 04 अन्य साथियों को भी शामिल किया।
7 जून की रात को काशीराम उर्फ काशी और उसके चार साथियों ने साथ बैठकर शराब पी और मृतक की पत्नी को पूरी साजिश से अवगत कराया। योजना के अनुसार पत्नी उसके प्रेमी और उनके 04 साथियों ने मिलकर मृतक का गला दबाकर हत्या कर दी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मृतक की पत्नी, काशीराम प्रजापत उर्फ काशी पुत्र फूल सिंह (35) निवासी वार्ड नंबर 20 और बृजेश जाटव पुत्र फूल सिंह (25) निवासी कालवाड़ी थाना खेरली शामिल हैं। इस मामले में बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपिया मृतक की दूसरी पत्नी थ, वह अपने पूर्व पति व बच्चों को छोड़कर मृतक के साथ बतौर पत्नी रह रही थी। अब वह प्रेमी के साथ रहना चाहती थी। इसके चलते अपने प्रेमी व अन्य साथियों के साथ मिलकर इतने व्यवस्थित तरीके से साजिश रची कि मृतक की मौत प्राकृतिक मृत्यु लगे।
इस मामले को सुलझाने में एसएचओ धीरेन्द्र सिंह, एएसआई रमेश चंद, कांस्टेबल राजवीर, भगत सिंह, प्रधान सिंह, सुरेश चन्द, देवेंद्र सिंह शामिल रहे। मुख्य भूमिका कांस्टेबल राजवीर व भगत सिंह की रही।

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