कृषि के विकास से ही देश का विकास: डॉ. आर. एस. सोढ़ी उदयपुर, 12 अक्टूबर। कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय (सीटीएई), उदयपुर में रविवार को 23वीं एल्युमनी मिलन एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सीटीएई लाइब्रेरी में संस्थापक अधिष्ठाता डॉ. के. एन. नाग की प्रतिमा के अनावरण से हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. आर. एस. सोढ़ी, पूर्व प्रबंध निदेशक – अमूल, एवं डॉ. अजीत कुमार कर्णाटक, कुलगुरु एमपीयूएटी रहे।डॉ. सोढ़ी ने डॉ. के. एन. नाग के अमूल्य योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि प्रो. नाग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे। प्रतिमा अनावरण के बाद कॉलेज के एवीपी सभागार में एल्युमनी मिलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।मुख्य अतिथि डॉ. आर. एस. सोढ़ी, जो सीटीएई में कृषि अभियांत्रिकी के स्वर्ण जयंती एल्युमनी भी हैं, ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि उन्होंने एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग की डिग्री इसी संस्थान से प्राप्त की थी। उन्होंने तकनीक-आधारित खेती, जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और मूल्य संवर्धन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इन क्षेत्रों से ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने “स्मार्ट और सतत ग्रामीण भारत” की परिकल्पना साझा करते हुए कहा कि युवा अभियंता एग्री-स्टार्टअप्स, सहकारी संस्थाओं और डिजिटल कृषि के माध्यम से देश के विकास में नई दिशा देंगे। छात्रों से उन्होंने आग्रह किया कि वे अपने तकनीकी ज्ञान को किसानों से जोड़ें और आत्मनिर्भर तथा समृद्ध कृषि अर्थव्यवस्था के निर्माण में योगदान दें।डॉ. सोढ़ी ने कहा— “भारत की अगली क्रांति खेतों से आएगी — ज्ञान, नवाचार और सहयोग की शक्ति से।” विशिष्ट अतिथि कुलगुरु डॉ. अजीत कुमार कर्णाटक ने सीटीएई से जुड़े विद्यार्थियों के डायमंड, स्वर्ण एवं रजत जयंती वर्ष पूर्ण करने वाले सभी एल्युमनी को साफा व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान के एल्युमनी उसका पॉवर बैंक होते हैं, और सीटीएई के पूर्व छात्र देश-विदेश में बड़े उपक्रमों का संचालन कर संस्थान का गौरव बढ़ा रहे हैं। प्रो. कर्णाटक ने एमपीयूएटी के उच्च एच-इंडेक्स में सीटीएई के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि एल्युमनी वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। कार्यक्रम में अर्पण सेवा संस्थान के संस्थापक डॉ. शुभकरण ने सीटीएई एल्युमनी सोसाइटी के साथ एक संधि करते हुए कॉलेज के जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए प्रतिवर्ष एक लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। एल्युमनी सोसाइटी के अध्यक्ष इंजी. विपिन लड्ढा ने बताया कि पूर्व-छात्र मिलन समारोह में 50 वर्षों बाद साथी एक-दूसरे से मिलकर भावुक हो उठे। उन्होंने कॉलेज और छात्रावास में जाकर पुरानी यादें ताजा कीं। कुछ ने हँसी-ठिठोली करते हुए कहा — “यार, तू तो मोटा हो गया, पहचान में ही नहीं आ रहा,” तो दूसरे ने जवाब दिया — “भाई, तू तो वैसा ही है, कैसे मेन्टेन रखते हो, हमें भी तो बता!” एल्युमनी सोसाइटी के मानद सचिव डॉ. सांवल सिंह मीणा ने बताया कि सोसाइटी द्वारा कॉलेज में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 12 विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। इसके साथ ही 9 पूर्व छात्रों को अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. सुनील जोशी ने पुरस्कार प्राप्त छात्रों व एल्युमनी को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।कार्यक्रम का समापन एक सुंदर गीत — “सीटीएई के रंग, एल्युमनी के संग” — के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मंजीत सिंह, डॉ. कल्पना जैन एवं इंजी. पूनम महला ने किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation कौटिल्य से कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक, लेखांकन में संतुलन ही सफलता का सूत्र राज्यपाल बागडे चार साल से लटका रखा बदनी मीणा का अनुग्रह अनुदान भुगतान, सांसद डॉ रावत के पत्र के बाद फाइल आगे बढी