24 News Update भीलवाड़ा जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, ठिठोड़ा जहांगीर में मिड-डे मील वितरण को लेकर भारी अनियमितताओं का मामला गरमाता जा रहा है। आरोप है कि विद्यालय प्रशासन और कुछ रसूखदार कर्मचारियों की मिलीभगत से गरीब मजदूर और किसान परिवारों के बच्चों के हक के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
भीम आर्मी ने उठाया मुद्दा, राजनीतिक दबाव के आरोप
हाल ही में भीम आर्मी ने इस मामले को लेकर आवाज उठाई थी और प्रशासन का ध्यान खींचा था। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते इस मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल स्टाफ के कुछ कर्मचारी अपनी राजनीतिक पहुंच का फायदा उठाकर व्यवस्था में सुधार करने के बजाय आवाज दबाने का काम कर रहे हैं।
अभिभावकों और बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार
मामला तब और गंभीर हो गया जब विद्यालय के प्रधानाध्यापक से इस विषय पर बात की गई। परिजनों का आरोप है कि जब भी कोई अभिभावक बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता या मात्रा पर सवाल उठाता है, तो बच्चों को डराया-धमकाया जाता है।
“स्कूल में कुछ कर्मचारी खुलेआम तानाशाही कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि सवाल पूछने पर बच्चों को स्कूल से निकालकर टीसी (Transfer Certificate) थमाने की धमकी दी जाती है, जो पूरी तरह से असंवैधानिक और अनैतिक है।”
शिक्षा विभाग की चुप्पी पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि इतना विवाद होने के बावजूद अब तक शिक्षा विभाग के किसी भी उच्चाधिकारी ने स्कूल का दौरा नहीं किया है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।
आम जनता का मानना है कि अधिकारियों की अनुपस्थिति यह साबित करती है कि व्यवस्था में सुधार के बजाय गरीब जनता की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

