24 News Update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं नेता दिनेश खोडनिया ने मंगलवार को सुरभि बाजार स्थित कार्यालय में पत्रकार वार्ता आयोजित की। उन्होंने कहा कि बाबूलाल कटारा को राजस्थान लोक सेवा आयोग का सदस्य बनाने और मेरे द्वारा सौदेबाजी किए जाने के आरोप झूठे, बेबुनियाद और निराधार हैं। यह सब मेरी छवि बिगाड़ने के लिए रचा गया षड्यंत्र है। इसमें मेरी ही पार्टी के प्रदेश स्तर के कुछ नेताओं और लोगों की भूमिका है। खोडनिया ने कहा कि बाबूलाल कटारा प्रकरण वर्ष 2023 का है। उस समय भी इस तरह के बयान सामने आए थे। भारत की सबसे बड़ी जांच एजेंसी ईडी ने मेरे सागवाड़ा और जयपुर निवास पर छापे मारकर जांच की थी। मेरे परिवार और व्यापार से जुड़े धन, मोबाइल और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। लंबी जांच चली और जयपुर बुलाकर ईडी ने आठ घंटे तक पूछताछ की।ईडी द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। जब ईडी को यह स्पष्ट हो गया कि बाबूलाल कटारा प्रकरण में मेरा कोई लेना-देना नहीं है, तब हमने दिल्ली की ट्रिब्यूनल कोर्ट में अपील की। ईडी ने भी माना कि बाबूलाल कटारा या पेपर लीक प्रकरण में दिनेश खोडनिया का दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। इस आधार पर कोर्ट ने मुझे निर्दोष माना। ईडी द्वारा जब्त किए गए 24 लाख रुपये रिलीज कर दिए गए, जो दो माह पूर्व मेरे खाते में जमा हो चुके हैं। इस मामले में अंतिम आदेश भी आ चुका है। खोडनिया ने बताया कि बाबूलाल कटारा के खिलाफ मानहानि का दावा दायर करने के बाद, जयपुर जेल में रहते हुए बाबूलाल का बयान कारागृह के जेलर द्वारा एफिडेविट के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया, जिसमें बाबूलाल ने कहा कि जांच एजेंसियों के दबाव में उससे यह बयान दिलवाया गया था। बाबूलाल ने यह भी कहा कि दिनेश खोडनिया से उसका कोई लेना-देना या संबंध नहीं है। खोडनिया ने कहा कि उन्होंने जयपुर में मीडिया के समक्ष स्पष्ट किया था कि जांच एजेंसी जहां भी बुलाएगी, वे वहां जाएंगे और हर सवाल का जवाब देंगे। उन्होंने दोहराया कि बाबूलाल कटारा को आरपीएससी सदस्य बनाने में उन्होंने कोई सिफारिश नहीं की। न उनका कोई रिश्ता है, न साथ पढ़ाई हुई, न कभी फोन पर बात हुई और न ही किसी प्रकार का संबंध रहा। उन्होंने कहा कि यदि अब भी किसी को संदेह है, तो वे हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। खोडनिया ने आरोप लगाया कि उनसे ईर्ष्या रखने वाले राजस्थान के एक बड़े नेता के कुछ लोगों ने यह षड्यंत्र रचा है। इस विषय में वे पार्टी आलाकमान को अवगत कराएंगे।उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीति में उन्हें आगे बढ़ने से रोकना चाहते हैं। यह एक संवेदनशील मामला है और उनकी छवि को जानबूझकर धूमिल करने का प्रयास किया गया है।खोडनिया ने बताया कि अशोक जैन का नाम भी शुरू से सामने आ रहा है। उनके यहां भी ईडी की कार्रवाई हुई थी और उन्होंने भी मानहानि का दावा किया है। अशोक जैन और उनका बाबूलाल कटारा से कोई संबंध नहीं है। यह पूरा मामला राजनीतिक षड्यंत्र है।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में रहते हुए भाजपा से मिले कुछ लोग इस साजिश में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस पार्टी के लिए ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं और पार्टी के वफादार हैं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation ईश्वर दर्शन के लिए चाहिए दिव्य दृष्टि – साध्वी गरिमा श्री अघोर हनुमान मंदिर धोलागढ़ निर्माण समिति अध्यक्ष मनोनीत