24 News Update बांसवाड़ा। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसमें दोस्ती, शराब और शक ने मिलकर इंसानियत का गला रेत दिया। पत्नी से अवैध संबंध के संदेह में एक युवक ने अपने ही दोस्त को पहले शराब पार्टी के दौरान चाकू घोंपकर मौत के घाट उतार दिया, फिर पहचान मिटाने के लिए अगले दिन उसकी लाश के साथ वहशीपन की सारी हदें पार कर दीं। हत्या के बाद शव को नाले में फेंक दिया गया, लेकिन हाथ पर बने टैटू ने आखिरकार सच को उजागर कर दिया।
मामला बांसवाड़ा के सदर थाना क्षेत्र का है, जहां यह वारदात न सिर्फ पुलिस बल्कि पूरे इलाके को सन्न कर देने वाली साबित हुई।
दोस्ती से दुश्मनी तक की कहानी
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान विशाल बंजारा (27), निवासी बंजारा बस्ती के रूप में हुई। विशाल मजदूरी करता था और साथ ही किराए पर ऑटो चलाकर परिवार का पेट पाल रहा था। आरोपी दिनेश खराड़ी (35), निवासी गारिया, उसी का दोस्त था। दिनेश पर पहले से करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लूट के एक केस में दो साल उदयपुर जेल में रह चुका है। जेल में रहने के दौरान विशाल, दिनेश की प्रेमिका को उससे मिलने ले जाता था और जमानत में भी मदद करता था। इसी दौरान विशाल और दिनेश की प्रेमिका के बीच नजदीकियां बढ़ीं। दिसंबर 2024 में जेल से छूटने के बाद दिनेश ने उसी महिला से शादी कर ली, लेकिन शक का कीड़ा उसके दिमाग में घर कर गया। उसे लगने लगा कि उसकी पत्नी और विशाल के बीच अवैध संबंध हैं। यही शक आगे चलकर हत्या की वजह बना।
30 जनवरी: जब साजिश ने शराब का सहारा लिया
30 जनवरी 2026 को विशाल, दिनेश के साथ बाइक से अपनी मां के घर गया। मां की गिरवी रखी ज्वेलरी छुड़ाने की कोशिश नाकाम रही। इसके बाद विशाल मां को घर छोड़कर दिनेश के साथ निकल गया। रास्ते में दिनेश ने अपने एक और साथी सुशील मईड़ा (28) को बुला लिया। तीनों ठीकरिया क्षेत्र के पास बैठकर शराब पीने लगे। इसी दौरान विशाल के मोबाइल पर बार-बार कॉल आने लगे। एक कॉल पर वह थोड़ी दूर जाकर बात करने लगा। तभी दिनेश की नजर मोबाइल स्क्रीन पर पड़ी—उसे शक हुआ कि कॉल या फोटो उसकी पत्नी से जुड़ा है। बस, यहीं दोस्ती की आखिरी सांस टूट गई। नशे और शक में डूबे दिनेश और सुशील ने वहीं विशाल को मारने की साजिश रच डाली।
पहली रात: गला रेता, झाड़ियों में फेंकी लाश
शराब के नशे में दोनों आरोपी विशाल को टामटिया-गारिया नाले के पास झाड़ियों में ले गए। अवैध संबंध को लेकर कहासुनी हुई और फिर दिनेश ने चाकू निकालकर विशाल के गले में वार कर दिया। कुछ ही पलों में दोस्त की सांसें थम गईं। हत्या के बाद दोनों आरोपी घर गए और चैन की नींद सो गए—मानो कुछ हुआ ही न हो।
दूसरा दिन: पहचान मिटाने की हैवानियत
31 जनवरी की सुबह नशा उतरा तो डर जागा। कहीं विशाल जिंदा न हो, और अगर मर गया तो पहचान न हो जाए—इसी खौफ में दोनों फिर घटनास्थल पर पहुंचे। जो उन्होंने इसके बाद किया, वह रूह कंपा देने वाला है। पहचान मिटाने के लिए चाकू से विशाल के चेहरे की चमड़ी उधेड़ दी। चेहरे पर 10 से ज्यादा वार किए। सीने से लेकर पैरों तक शरीर को फाड़ डाला। फिर क्षत-विक्षत शव को टामटिया-गारिया नाले में फेंक दिया।
वीडियो बनाकर पत्नी को डराया
यहीं नहीं रुके। दोनों ने पूरी दरिंदगी का वीडियो बनाया। दिनेश ने यह वीडियो अपनी पत्नी को दिखाया, ताकि वह डर जाए और किसी को कुछ न बताए। यह कत्ल सिर्फ एक इंसान की हत्या नहीं, बल्कि डर और दहशत की साजिश भी थी। हत्या के बाद दिनेश विशाल का मोबाइल अपने साथ ले गया। मोबाइल बंद कर दिया गया। फिर एक सोची-समझी साजिश रची गई। दिनेश ने मोबाइल चालू कर परिजनों को यह दिखाने की कोशिश की कि फोन अभी भी एक्टिव है। इतना ही नहीं, एक महिला की आवाज में विशाल के घर फोन करवाया गया और कहा गया कि विशाल अहमदाबाद में है और दुकान पर काम कर रहा है। मकसद साफ था—सबको यह यकीन दिलाना कि विशाल किसी महिला के साथ भाग गया है।
टैटू ने खोल दिया कत्ल का राज
6 फरवरी को गारिया नाले में एक क्षत-विक्षत लाश मिली। गुमशुदगी की रिपोर्ट के आधार पर विशाल की पत्नी को बुलाया गया। हाथ पर बने टैटू ने सारी कहानी बयां कर दी—वह लाश विशाल की ही थी। इसके बाद शक गहराया। 7 फरवरी को विशाल की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई और सीधे दिनेश पर संदेह जताया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर दिनेश और सुशील को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ में दोनों ने हत्या कबूल कर ली।

