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लाललोई पर्व पर उमड़ा आस्था का सैलाब, भक्ति–संस्कृति का हुआ संगम

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24 News Update उदयपुर। सिन्धी समाज की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक लाललोई पर्व मंगलवार को उदयपुर के शक्तिनगर स्थित तुलसी चौराहा, बिलोचिस्तान भवन के बाहर पूरे श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। सिन्धी युवाज सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित इस पर्व ने युवा से लेकर बुजुर्गों तक को एक सूत्र में बांधते हुए भाईचारे और सामूहिक आनंद का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया।
भक्तिमय संगीत, सिंधी भजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। समाजजन एक साथ झूमते, गुनगुनाते और परंपरा से जुड़े इस पावन पर्व का आनंद लेते नजर आए।
सिन्धी युवाज सोसायटी के विजय आहुजा ने जानकारी देते हुए बताया कि लाललोई पर्व के अवसर पर पण्डित मणिशंकर पंडया के मार्गदर्शन में विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई। रात्रि 8:30 बजे मुख्य अतिथि पूज्य झूलेलाल सिंधी सेंट्रल पंचायत अध्यक्ष प्रताप रॉय चुघ, पूज्य बिलोचिस्तान पंचायत के गुरुमुख कस्तूरी एवं अन्य पंचायती पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं अग्नि प्रज्ज्वलन कर पर्व का शुभारंभ किया गया। इस दौरान समाज एवं देश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई।
युवाज सोसायटी के विपिन कालरा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान बच्चों और बड़ों के लिए विविध प्रकार के प्रसाद का वितरण किया गया। वहीं उपस्थित नवदम्पत्तियों एवं श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रूप से लाललोई के फेरे लगाकर मन्नत मांगी और आशीर्वाद प्राप्त किया, जिससे वातावरण भावुक और भक्तिमय हो गया।


युवाज के शैलेश कटारिया ने बताया कि इस आयोजन में परंपरा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा गया, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। सिंधी भजनों की मधुर प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।


इस भव्य आयोजन की सफलता में भारत खत्री, जितेंद्र कालरा, धर्मेन्द्र सोनी, अभिषेक कालरा, शैलेश कटारिया, कमल तलरेजा, दीपक सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कीं।
लाललोई पर्व का यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में एकता, सौहार्द और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने का प्रभावी माध्यम भी बना। हर वर्ष की भांति इस बार भी सिन्धी युवाज सोसायटी का यह आयोजन पूर्णतः सफल रहा और उपस्थित जनसमूह के लिए एक अविस्मरणीय स्मृति बन गया।

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