बाजार जाते समय हुआ हादसा
उदयपुर. शहर से सटे बेदला गांव के खटीकवाड़ा क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में 45 वर्षीय सत्यनारायण सोलंकी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और उचित मुआवजे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। सूचना पर पहुंची सुखेर थाना पुलिस ने समझाइश का प्रयास किया, लेकिन देर शाम तक गतिरोध बना रहा।
जानकारी के अनुसार बेदला गांव निवासी सत्यनारायण सोलंकी दोपहर करीब 1:15 बजे घर से पैदल बाजार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सापेटिया से फतहपुरा की तरफ जा रहा बजरी से भरा एक डंपर अनियंत्रित होकर उन्हें जोरदार टक्कर मार गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि सत्यनारायण ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे के तुरंत बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत परिवार को सूचना दी, जिसके बाद परिजन घटनास्थल पर पहुंचे।
शव रखकर किया प्रदर्शन
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। आक्रोशित परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर सत्यनारायण का शव सड़क पर रख दिया और आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और स्थायी मुआवजा देने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना था कि जब तक प्रशासन लिखित आश्वासन नहीं देगा, तब तक जाम नहीं हटाया जाएगा।
सामाजिक प्रतिनिधि भी पहुंचे मौके पर
घटनास्थल पर खटीक समाज अध्यक्ष संदीप तंवर, पूर्व अध्यक्ष भैरूलाल तंवर, बड़गांव के निवर्तमान उपप्रधान प्रताप सिंह राठौड़, विक्रांत निमावत सहित कई जनप्रतिनिधि और समाजजन मौजूद रहे। सभी ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और उचित मुआवजे की मांग का समर्थन किया।
आर्थिक स्थिति कमजोर, परिवार पर संकट
ग्रामीणों के अनुसार मृतक सत्यनारायण सोलंकी घर के बाहर ही पंचर की छोटी सी दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। पत्नी निजी नौकरी कर किसी तरह घर चलाने में सहयोग करती है। ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी और अब कमाने वाले सदस्य की मृत्यु से परिवार पर गंभीर संकट आ खड़ा हुआ है।
पुलिस कर रही समझाइश
मौके पर पहुंची सुखेर थाना पुलिस मय जाब्ता परिजनों और ग्रामीणों से लगातार वार्ता कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डंपर चालक की तलाश की जा रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद से ही मृतक की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग प्रशासन से त्वरित न्याय व आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं।
शाम को 7 बजे तक खबर लिखे जाने तक शव नहीं उठाया गया। लोगों ने 50 लाख का मुआवजा व परिजनों को सरकारी नौकरी की मांग की है। साथ ही उच्च अधिकारियों को भी मौके पर बुलाने की मांग की जा रही है।

