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माँ अपने पुत्र के लिए किसी से भी लड़ जाए, यही है वात्सल्य — सरस्वती दीदी

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24 News Update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। सलुम्बर के निकट्वर्ती धोलागढ पर्वत श्रृंखला की तलहटी में आयोजित 45 दिवसीय श्रावण महाकुंभ के दसवें दिन सहस्त्र चंडी महायज्ञ एवं अति रुद्र महायज्ञ में मुकेश भट्ट के आचार्यत्व में मंत्रोचार के साथ आहुति प्रदान कर महा आरती की गई था शिव महापुराण कथा में सरस्वती दीदी ने पांचवे दिन शिव तत्व पर चर्चा करते हुए कहा की मॉ अपने पुत्र के लिए किसी से भी लड जाय यही वात्सल्य है। शिव महापुराण कथा के प्रारम्भ में योगी प्रकाशनाथ महाराज,मुख्य यजमान राजेश कलाल ने पोती पूजन एवं आरती इसके पश्चात कथा व्यास पीठ पर विराजमान सरस्वती दीदी शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन शिव तत्व पर चर्चा करते हुए कहा महादेव ने जब नाराज होकर मुख्य गण सर धड़ से जब अलग कर दिया तब पार्वती ने क्रोधित कर कहा तुम एक मां को नहीं जानते मैं ही काली हूं मैं ही अंबा हूं मैं ही दुर्गा हूं और हर घर में मैं नहीं हो सकती इसलिए मैंने एक मां बनाई है आज की कथा में पार्वती जी के नाराज होकर कोपभवन में जाना, अपने पिंड से अपनी रक्षा हेतु मुख्य गण को जन्म देना, मुख्य घर द्वारा शंकर का रास्ता रोकता, शंकर भगवान के नाराज होकर गन का सर धड़ से अलग कर देना तथा सभी देवताओं द्वारा गज का मुख गण को लगाना और गणेश भगवान का जन्म होना तथा गणेश को आशीर्वाद स्वरुप सभी देवताओं में प्रथम स्थान प्रदान करना तथा अतुलित शक्तियों से परिपूर्ण करने का आज का श्रव्य दृश्य उपस्थित किया। प्रति दिन कथा के दौरान हजारों लोगों ने भोजन प्रसादी ग्रहण कर यज्ञ शालाओं के परिक्रमा कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। कथा कार्यक्रम में राम कथा मर्मज्ञ कमलेश भाई शास्त्री,सागवाडा विधायक शंकरलाल डेचा,कांग्रेस नगर मंडल अध्यक्ष ललीत पंचाल,दीन बन्धु त्रिवेदी सहित कई अतिथि एवं सेकडों की संख्या में भक्त उपस्थित रहे।

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