24 News Update उदयपुर/चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री सांवलिया जी मंदिर में आस्था इस बार सीधे आंकड़ों में नजर आई। होली के बाद महज 13 दिनों में दोबारा खोले गए भंडार से निकली राशि की गिनती पूरी हुई, जिसमें भंडार, भेंट कक्ष और ऑनलाइन दान मिलाकर कुल 10 करोड़ 79 लाख 10 हजार 701 रुपए का चढ़ावा सामने आया है। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 54 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाता है।
मंदिर परंपरा के अनुसार साल में एक बार भंडार पूर्णिमा (होली) पर खोला जाता है, लेकिन उसके 13 दिन बाद अमावस्या से पूर्व चतुर्दशी को पुनः भंडार खोलने की परंपरा निभाई जाती है। इसी क्रम में मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव और मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रभा गौतम की मौजूदगी में भंडार खोला गया और गिनती प्रक्रिया शुरू की गई।
भंडार से निकली नकदी की गणना दो चरणों में की गई, जो गुरुवार देर रात तक चली। पहले चरण में 6 करोड़ 92 लाख 17 हजार 500 रुपए, जबकि दूसरे चरण में 1 लाख 49 हजार 825 रुपए की गिनती हुई। इस प्रकार केवल भंडार से ही कुल 6 करोड़ 93 लाख 67 हजार 325 रुपए प्राप्त हुए। पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराई गई।
भक्तों की आस्था सिर्फ भंडार तक सीमित नहीं रही। भेंट कक्ष और ऑनलाइन माध्यम से भी दान का सिलसिला जारी रहा, जिससे 3 करोड़ 85 लाख 43 हजार 376 रुपए की अतिरिक्त राशि प्राप्त हुई। इस तरह सभी स्रोतों को मिलाकर कुल चढ़ावा 10.79 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गया।
नकदी के साथ श्रद्धालुओं ने सोना-चांदी भी बड़ी मात्रा में अर्पित किया। मंदिर प्रशासन के सदस्य पवन तिवारी के अनुसार इस बार 985 ग्राम 200 मिलीग्राम सोना और 32 किलो 913 ग्राम चांदी चढ़ावे में प्राप्त हुई है, जिसकी अलग से गणना और रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
यदि पिछले वर्ष 2025 के आंकड़ों से तुलना करें तो तब भंडार से करीब 4 करोड़ 49 लाख रुपए और भेंट कक्ष व ऑनलाइन से लगभग 1 करोड़ 42 लाख रुपए प्राप्त हुए थे। इस बार के आंकड़े साफ बताते हैं कि आस्था का प्रवाह तेजी से बढ़ा है।
मेवाड़ के सांवलिया जी धाम में आस्था की बंपर बरसात: 13 दिन में खुला भंडार, 10.79 करोड़ का चढ़ावा, 54% उछाल

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