24 News Update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। सराडा तहसील के महाराणा प्रताप की तीसरी राजधानी चावंड में स्थित लॉर्ड कृष्णा सेंट्रल स्कूल में राज्य सरकार के निर्देशानुसार 28 फरवरी को हर्षोल्लास के साथ महाराणा प्रताप राज्यारोहण दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम स्कूल डायरेक्टर मज व्यास की अध्यक्षता तथा मुख्य वक्ता अरविंद सिंह खोडिया खेड़ा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। प्रारंभ में अतिथियों द्वारा सरस्वती माता एवं महाराणा प्रताप के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण किया गया।
मुख्य वक्ता खोडिया खेड़ा ने कहा कि मेवाड़ के महाराणाओं ने लगभग 1000 वर्षों तक सर्वसमाज को साथ लेकर विदेशी आक्रांताओं से संघर्ष किया, जो इतिहास में एक दुर्लभ उदाहरण है। मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास में प्रत्येक वर्ग और समाज का प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ इतिहासकारों द्वारा मुगल शासक अकबर को महान बताया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
1567-68 में चित्तौड़ पर आक्रमण के दौरान हुए नरसंहार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास का मूल्यांकन तथ्यों के आधार पर होना चाहिए। उनके अनुसार हिंदुस्तान में महाराणा प्रताप महान थे, महान हैं और युगों-युगों तक महान रहेंगे। चावंड को महातीर्थ बताते हुए कहा कि इसे देश का पांचवां धाम कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी। महाराणा प्रताप की छतरी के दर्शन के बिना जीवन अधूरा है और प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में एक बार यहां अवश्य आना चाहिए। वक्ताओं ने राज्य सरकार के उस निर्णय की सराहना की, जिसके तहत विद्यालयों में महाराणा प्रताप राज्यारोहण दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और त्याग की प्रेरणा मिलेगी। सह निदेशक जयेश व्यास ने बताया कि छात्रों ने प्रताप के जीवन पर विचार रखे और उनके स्वाभिमान का गुणगान किया।
इस मौके पर रामब्रज, पृथ्वीराज सिंह राठौड़, दीपक व्यास, प्रदीप पटेल, कामिनी चौबीसा सहित बड़ी संख्या में प्रताप भक्त, विद्यालय स्टाफ, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप के राज्यारोहण दिवस पर लॉर्ड कृष्णा विद्यालय में भव्य आयोजन

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