24 News Update उदयपुर। शहर के फतेहपुरा-बेदला रोड स्थित मंगल श्री गार्डन में गुरुवार को संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य मंगल कलश यात्रा से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कथा संयोजक सत्य नारायण गुप्ता ने बताया कि कथा का वाचन लालसौठ के सुप्रसिद्ध आचार्य पंडित विष्णुकान्त शास्त्री द्वारा व्यास पीठ से किया जा रहा है। उन्होंने श्रीमद्भागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कलियुग में भागवत कथा श्रवण का विशेष महत्व है। कथा के माध्यम से उन्होंने राजा परीक्षित के मोक्ष प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि सात दिन तक कथा श्रवण कर उन्होंने गोलोक वृंदावन की प्राप्ति की। इससे पूर्व सुबह सवा नौ बजे न्यू अहिंसापुरी क्षेत्र से गाजे-बाजे और लवाजमे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यजमान सत्य नारायण गुप्ता एवं श्रीमती उषा गांगाणी ने परिवार सहित श्रीमद्भागवत पोथी को सिर पर धारण कर यात्रा का नेतृत्व किया। कलश यात्रा में शामिल मातृशक्ति पारंपरिक मांगलिक परिधान में सिर पर कलश और श्रीफल धारण कर भजन-कीर्तन करते हुए पूरे मार्ग में उत्साह के साथ आगे बढ़ीं। श्रद्धालु नाचते-गाते हुए भक्ति में सराबोर नजर आए। शोभायात्रा के मंगल श्री गार्डन पहुंचने पर विधि-विधान से कलश पूजन एवं आरती की गई। इसके बाद मुख्य पांडाल में कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। प्रारंभ में गांगाणी परिवार द्वारा भागवत भगवान, व्यास पीठ एवं आचार्य का माल्यार्पण कर आरती की गई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे वातावरण में भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता नजर आया।
भक्ति, आस्था और उल्लास का संगम- मंगल कलश यात्रा के साथ संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, शहर में गूंजे भजन-कीर्तन

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