24 News Update नई दिल्ली। राजधानी नई दिल्ली में आयोजित AI Summit 2026 के दौरान हुए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के मामले में अदालत ने इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के नौ कार्यकर्ताओं को जमानत दे दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सरकार की आलोचना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है और केवल विरोध प्रदर्शन के आधार पर किसी व्यक्ति को मुकदमे से पहले जेल में रखना कानून की मूल भावना के विपरीत है।न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रवि ने जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारे भड़काऊ नहीं थे और उनमें किसी प्रकार का धार्मिक या क्षेत्रीय रंग भी नहीं था। अदालत ने यह भी माना कि घटना के दौरान किसी तरह की तोड़फोड़ या आम लोगों को डराने-धमकाने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया।अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नागरिकों का मूल अधिकार है और जेल केवल विशेष परिस्थितियों में ही होनी चाहिए। यदि बिना पर्याप्त कारण के किसी व्यक्ति को ट्रायल से पहले जेल में रखा जाता है तो यह बिना दोष सिद्ध हुए ही सजा देने जैसा होगा। इन नौ कार्यकर्ताओं को मिली राहतअदालत ने जिन नौ कार्यकर्ताओं को जमानत दी, उनमें कृष्ण हरि, नरसिंह यादव, कुंदन कुमार यादव, अजय कुमार सिंह, जितेंद्र सिंह यादव, राजा गुर्जर, अजय कुमार विमल उर्फ बंटू, सौरभ सिंह और अरबाज खान शामिल हैं। इन सभी को पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस ने किया था जमानत का विरोधसुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने जमानत का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि 20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आरोपी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहनकर या हाथ में लेकर पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार इन टी-शर्ट्स पर “PM is Compromised”, “India-US Trade Deal” और “Epstein Files” जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी की गई और पुलिस द्वारा रोकने की कोशिश करने पर धक्का-मुक्की हुई, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए। AI समिट के दौरान हुआ था प्रदर्शनदरअसल 20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित AI Summit 2026 के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगाए, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी, जिनमें आपराधिक साजिश, सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाना, हमला करना और सरकारी काम में बाधा डालने जैसे आरोप शामिल हैं। पहले भी हुई थीं गिरफ्तारियांइस मामले में उदय भानु चिब, जो इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, और संगठन के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता भूदेव शर्मा को भी 23 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। बाद में दोनों को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया था। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation रेलवन सुपरऐप ने 8 माह में पार किए 2 करोड़ डाउनलोड, रोजाना 6 लाख टिकट बुकिंग का आंकड़ा