24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। कक्षा 9वीं की सामाजिक विज्ञान की किताब में बांसवाड़ा के गोविंद गुरु को लेकर टिप्पणी पर सांसद मन्नालाल रावत ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री भजनलाल को शिकायत की। इसमें बताया कि किताब में बताया गया है कि गोविंद गुरु अलग भील राज्य बनाना चाहते थे। हकीकत में यह आरोप तत्कालीन समय में अंग्रेजों ने लगाया था। लेकिन बिना तथ्य और जांचे परखे ही माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इसे किताब में शामिल कर लिया। सांसद रावत की आपत्ति के बाद सीएमओ ने राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल को परीक्षण कर तत्काल प्रभाव से गलत तथ्य को हटाने के आदेश दिए हैं। कक्षा 9 की पुस्तक राजस्थान का स्वतंत्रता आंदोलन एवं शौर्य परंपरा के अध्याय 4 में पृष्ठ संख्या 42 पर गोविंद गुरु को लेकर टिप्पणी की गई है इसमें लिखा है कि सामंती एवं औपनिवेशिक सत्ता द्वारा उत्पीड़क व्यवहार ने गोविंद गुरु एवं उनके शिष्यों को सामंती व औपनिवेशिक दासता से मुक्ति प्राप्त करने के लिए भील राज्य की स्थापना की योजना बनाने की ओर प्रेरित किया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह टिप्पणी पूरी तरह से गलत है। क्योंकि, गोविंद गुरु भक्ति मार्ग के समर्थक थे और अपने शिष्यों और जनता को भक्ति भजन से प्रेरित कर सामाजिक बुराइयों को दूर करने, जनजागरण करने और अंग्रेजों की खिलाफत के लिए जाने जाते थे। सांसद रावत ने कहा कि इस विषय पर विशेषज्ञों के शोधपत्रों एवं तथ्यों को लेते हुए किताब में इस टिप्पणी को संशोधित किया जाना चाहिए। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अंतर्राष्ट्रीय ग्लोबल अलायन्स फॉर रेबीज कण्ट्रोल आर्गेनाइजेशन की थीम से प्रोत्साहित होकर एनिमल प्रोटेक्शन सोसाइटी और इंडी जीनियस प्रोग्रेसिव स्कूल ने मनाया बच्चों के साथ वर्ल्ड रेबीज डे कुशलेश चौधरी को मिली पीएचडी की उपाधि